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Thursday, April 7, 2016

एनआईटी श्रीनगर की छात्राओं ने कहा- कश्मीरी स्टूडेंट्स दे रहे हैं रेप की धमकी

श्रीनगर (सं.सू.)। जम्मू कशमीर में श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) कैंपस में तिरंगा फहराने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विवाद बढ़ गया है और तनाव अब भी जारी है। गैर कश्‍मीरी छात्राओं ने कहा है कि कश्‍मीरी छात्रों ने उन्‍हें रेप और कैरियर खराब करने की धमकी दी है। दूसरी ओर, श्रीनगर स्थित एनआईटी में गुरुवार को भी हालात तनावपूर्ण रहे और दूसरे प्रदेशों के छात्रों के एक छोटे से समूह ने इंस्टीट्यूट को कश्मीर घाटी से बाहर ले जाने की मांग करते हुए परिसर के अंदर ही प्रदर्शन किया।

मीडिया में सामने आई कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय छात्र बाहरी स्टूडेंट्स को रेप की धमकियां दे रहे हैं। इन रिपोर्टों के मुताबिक एनआईटी की कुछ छात्राओं का आरोप है कि स्थानीय छात्र बाहर से आईं छात्राओं को रेप की धमकी दे रहे हैं। एक लड़की ने बताया कि बुधवार को कश्मीरी छात्रों के एक ग्रुप ने उनसे कहा कि एक के साथ रेप होगा तो सब ठंडे पड़ जाओगे। यहीं नहीं छात्रा ने यह भी बताया कि पुलिस भी उनके (गैर-कश्मीरी) साथ जानवारों जैसा सलूक कर रही है और स्टूडेंट्स को बेरहमी से पीट रही है। छात्राओं के अनुसार, उन्हें तरह-तरह से धमकाया जा रहा है

वहीं, दूसरे राज्यों के छात्रों ने संस्थान को कश्मीर से बाहर स्थानांतरित करने, लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित मांग की है कि उन्‍हें मुख्य गेट पर हर रोज तिरंगा फहराने की इजाजत दी जाए। राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग संस्थान को आश्वासन दिया है कि अन्य राज्यों के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान छात्रों को सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए परिसर में सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया है। परिसर में आंदोलन कर रहे दूसरे राज्यों के छात्रों पर स्थानीय पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय का तीन सदस्यीय दल कैंपस का जायजा ले रहा है। उन्होंने परिसर में तनाव समाप्त करने के लिए आंदोलनरत छात्रों से बात की है।

छात्रों ने दल को बताया कि उनकी पहली मांग यह है कि एनआईटी को यहां से स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि हम पहले तो घर जाना चाहते हैं और उसके बाद आप हमें जहां स्थानांतरित करेंगे, हम वहां चले जाएंगे। छात्रों का कहना है कि झड़प के दौरान पुलिस ने उनसे राष्ट्रीय ध्वज ले लिया, उनकी मांग है कि वह उन्हें वापस लौटाया जाए। छात्रों ने यह भी कहा कि उन पर लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्टाफ के कुछ सदस्यों के इस्तीफे की मांग भी की ताकि वह किसी छात्र के भविष्य से खिलवाड़ न कर सकें।

दूसरी ओर, एनआईटी श्रीनगर में तनाव के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय की ओर भेजी गई दो सदस्यीय टीम ने कैंपस में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। टीम ने संस्थान के अधिकारियों के साथ मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। इस बीच कश्मीर के बाहर से आए छात्रों ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उनके समक्ष अपनी 5 मांगें रखीं।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रीनगर स्थित एनआईटी में छात्रों के बीच झड़प की समयबद्ध जांच के लिए आज आदेश दे दिए। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा कि हम लोगों ने एनआईटी की घटनाओं की पड़ताल के लिए एक जांच का गठन किया है। सिंह ने कहा कि श्रीनगर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जांच करेंगे और 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट दाखिल करेंगे। उन्‍होंने कहा कि राज्य सरकार एनआईटी में छात्रों की निजी एवं शैक्षिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।