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Tuesday, January 12, 2016

पीएम मोदी ने कहा- युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें


रायपुर (सं.सू.)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं से कहा कि नौकरी ढूंढ़ने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की सोचें। अपने काम में हुनर पैदा करें। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां स्किल यानी हुनर विकसित करने को अधिकार दर्जा दिया गया है। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को 20 वें युवा उत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर से आए युवाओं को संबोधित किया। अपने 35 मिनट के भाषण में उन्होंने देश के युवाओं से देश की मनोवैज्ञानिक सोच बदलने की बात कही।

श्री मोदी ने युवाओं से कहा कि आप ये तय करें कि मैं ऐसी जिंदगी जीऊंगा, जिसमें दो-चार लोगों को रोजगार दे सकूं। अगर ऐसी सोच है तो मेरी सरकार और पूरा हिंदुस्तान आपके साथ है। श्री मोदी ने कहा कि पूरे देश में हमने ऐसी मनः स्थिति बना ली है कि जो दिमागी काम कर रहा है, वह बड़ा है और जो मेहनत कर रहा है, श्रम कर रहा है, वह छोटा है। मां-बाप भी कम पढ़े-लिखे बेटे का अपने रिश्तेदारों से परिचय कराने से हिचकिचाते हैं कि यह कम पढ़ा है, भले ही वह हुनरमंद हो। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि पूरे देश में यह मनोवैज्ञानिक सोच बदलने की जरूरत है। ग्रेजुएशन करके बेरोजगार की कतार में खड़े होने से बेहतर है आठवीं या दसवीं पास करके आईटीआई या इसी तरह का कोई हुनर सीखा जाए और आत्म निर्भर बनना चाहिए।

श्री मोदी ने कहा कि युवाओं की अलग-अलग परिभाषाएं हैं। एक परिभाषा के मुताबिक उम्र युवा होने का पैमाना है, लेकिन मैं मानता हूं कि जो अतीत की बातों को बार-बार याद करता है, उसकी यादों में खोया रहता है, वह ब़ूढा हो चला है। वहीं जो आने वाले कल के सपने संजोता है और अपना हर पल उसे पूरा करने में खफा देता है, सही मायने में वह युवा है। युवा होने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं है। इस अवसर पर उन्होंने देश के दो युवाओं को याद किया- भगत सिंह और स्वामी विवेकानंद को। उन्होंने कहा कि इन्हें याद करते ही मन श्रद्धा से भर जाता है।

श्री मोदी ने वंदेमातरम को प्रेरणा देने वाला नारा बताया। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले यह देश के लिए मर मिटने की और अब देश के लिए जीने की प्रेरणा देने वाला नारा है। वंदेमातरम यानी मां भारती की जय। इस नारे ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे देश को एक साथ सद्भावना के सूत्र में पिरो दिया था।

श्री मोदी ने देश के युवाओं को दो सपना दिया। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि युवा महोत्सव से जाने से पहले वे दो संकल्प जरूर लें। पहला सपना 2019 के लिए तय करें, क्योंकि 2019 में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती है। इसे पूरा करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं। वहीं दूसरा सपना 2022 तक के लिए देखें और उसे पूरा करने का संकल्प लें। 2022 को देश की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं।

श्री मोदी ने स्किल्ड इंडिया के सपने का जिक्र करते हुए देशभर से आए युवाओं से कहा कि वे छत्तीसगढ़ में आए हैं तो सीखेंगे कि किस तरह माओवाद और नक्सलवाद के संकट में रहते हुए इस राज्य ने लोगों को हुनरमंद बनाने के लिए प्रयास किए हैं। यह देश का पहला राज्य है, जहां स्किल को अधिकार का दर्जा दिया गया है। उन्होंने माओवाद का साथ देने वाले युवकों से आग्रह किया कि उनके हाथ उठें तो हुनर सीखने के लिए, लोगों की हत्या करने के लिए नहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में बड़ी योजना स्टार्टअप इंडिया-स्टैंडअप इंडिया शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांव में रहने वाला व्यक्ति मोटर साइकिल के दस तरह के उपयोग करना शुरू कर देता है। इसका अर्थ है कि भारत के जन-जन में इनोवेशन नवाचार की प्रतिभा कूट-कूट कर भरी है। भारतीयों की इस प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। स्टार्टअप इंडिया स्किल डिवेलपमेंट की आगे की कड़ी है।