पटना (सं.सू.)। बिहार सरकार की वेबसाइट ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन को ब्रिटिश राज से भी बदतर बताया है। इसमें बिहार की हिस्ट्री का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि इमरजेंसी का विरोध करने पर लोकनायक जय प्रकाश नारायण के साथ इंदिरा गांधी का व्यवहार ब्रिटिश राज में किए गए बर्ताव से भी खराब था। दूसरी ओर जैसे ही यह मामला चर्चा में आया, कांग्रेस के नेता नाराज हो गए।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के इतिहास की समीक्षा में इंदिरा गांधी के शासन को ‘दबाने वाला’ करार कदया गया है, जबकि इमरजेंसी के समय किए गए ‘अत्याचार’ का हवाला दिया गया है। इसमें भारत के आधुनिक इतिहास में जेपी के योगदान का जिक्र करते हुए लिखा गया है- ‘वह जेपी ही थे, जिन्होंने मजबूती से इंदिरा के एकतरफा शासन और उनके छोटे बेटे संजय गांधी का विरोध किया था। जेपी के विरोध पर लोगों के रिएक्शन से डरकर ही इंदिरा गांधी ने 26 जून 1975 को इमरजेंसी का एलान करते हुए उन्हें अरेस्ट करवा दिया था। उन्हें दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया था, जहां अपराधियों को रखा जाता है।’

