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Wednesday, June 22, 2016

यमन को छोड़ सभी 192 देशों में मना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

नई दिल्ली (सं.सू.)। गृह युद्ध से तबाह हो चुके यमन को छोड़ कर दुनिया के सभी 192 देश मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में हिस्सेदार बने। यहां तक कि पिछले तीन वर्षों से आपसी गुटों की लड़ाई में तबाह हो चुके लीबिया में भी कुछ लोगों के समूह ने योगाभ्यास किया। देश में दूसरे विश्व योग दिवस का मुख्य समारोह चंडीगढ़ में हुआ। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 30 हजार लोगों ने योगाभ्यास किया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में ही कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने गत वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से में यह सबसे लंबा दिवस होता है। मंगलवार को मनाया गया योग पर्व दूसरा था। इस तरह योग पर्व भारत की सॉफ्ट कूटनीति का अहम हिस्सा बन गया है। चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले एक वर्ष के दौरान योग से डायबिटीज को दूर करने का आह्वान किया।

अगर प्रयोग सफल रहा तो अगले साल दूसरी बीमारी को योग से दूर करने का प्रयास करेंगे। मोदी ने कहा कि पूरे विश्व का योग को लेकर भारत को भरपूर समर्थन मिला है। इसलिए देश में भी योग पर राजनीति छोड़ सबको एकसाथ आगे बढ़ना चाहिए। योग का शारीरिक, मानसिक, दिल और आत्मा के साथ संबंध है। हमें अपने पूर्वजों की इस विरासत को आगे बढ़ाना है।

यह लेने-देने का नहीं बल्कि मुक्ति का मार्ग और अनुशासन का अनुष्ठान है। यह जीरो बजट से हेल्थ इंश्योरेंस देता है, इसलिए लोगों को योग को जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए। यह तन, मन, बुद्धि और आत्मा को शुद्ध करता है। इंसान का मन कभी स्थिर नहीं रहता, लेकिन योग मन और शरीर को स्थिरता देता है। खुद से खुद को जोड़ने के लिए योग से जुड़ना बहुत जरूरी है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनियाभर के लोग योग सीखने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं। जरूरत है ऐसे योग ट्रेनर तैयार करने की, जो दुनिया को योग का पाठ पढ़ा सकें। यानी योग विश्व में अरबों-खरबों के कारोबार के रूप में बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने योग के लिए उत्तम काम करने वाले ट्रेनरों या योगाचार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय योग अवार्ड की घोषणा की। राज्य स्तर पर भी बाद में इसी तरह के अवार्ड दिए जा सकते हैं।

मोदी योग कार्यक्रम में सफेद रंग की टीशर्ट और पैंट पहनकर पहुंचे थे। उन्होंने सफेद रंग के जूते पहने थे और गले में लंबा मफलर भी लपेट रखा था। योग करते वक्त वह इसी मफलर से कई बार पसीना पोंछते दिखे।

पतंजलि योग पीठ के ट्रेनरों के दिशा-निर्देश के बीच प्रधानमंत्री ने कई योगासन किए। इनमें त्रिकोणासन, अर्द्धचक्रासन, दंडासन, भद्रासन, अर्द्धउष्ट्रासन, वज्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूक आसन, मरीच्यासन वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतु बंधासन, उत्तानपादासन, अर्द्धहलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, कपालभाति, शीतली प्राणायाम, अनुलोम विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और इसके बाद ध्यान किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक, "पहले लीबिया और यमन को छोड़ कर 191 देशों ने योग पर्व मनाने की पुष्टि की थी। लेकिन लीबिया में भी हमारे दूतावास के कर्मचारियों ने योग का आयोजन किया है। इस तरह से यमन को छोड़ कर 192 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन हुआ है।"

विदेश मंत्रालय का अनुमान है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोगुनी संख्या में लोगों ने योग दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास में पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। पाकिस्तान के अन्य शहरों से भी स्थानीय निवासियों की तरफ से योग आयोजन होने की खबरें हैं। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और प्रमुख शहर मजार-ए-शरीफ में भारतीय दूतावास के आयोजन में स्थानीय निवासियों ने काफी उत्साह से हिस्सा लिया।

संयुक्त अरब अमीरात, ट्यूनीशिया, इराक और सूडान जैसे मुस्लिम बहुत देशों में भी पहले से ज्यादा लोग अब योग में रुचि लेने लगे हैं। दूरदराज के दक्षिणी अमेरिकी देश कोलंबिया, वेनेजुएला, ग्वाटेमाला और उरुग्वे और प्रशांत महासागर में स्थित छोटे-छोटे देशों में भी भारतीय दूतावासों ने स्थानीय जनता को योग पर्व में हिस्सा लेने का न सिर्फ मौका दिया बल्कि उन्हें मुफ्त में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की।