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Saturday, October 31, 2015

रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील का रास्ता साफ

नई दिल्ली (सं.सू.)। भारत रूस से दुनिया की मोस्ट एडवान्स्ड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम खरीदने जा रहा है। इस डील के लिए भारत सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बीच डिफेंस मिनिस्टर कल (शनिवार) रूस रवाना होने वाले हैं। पर्रिकर ने रूस जाने से पहले रूसी न्यूज एजेंसी इटर-टास (ITAR-TASS) को दिए इंटरव्यू में उम्मीद जताई कि दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के पहले रूस से डील फाइनल हो जाएगी।

बता दें कि हाल ही में डिफेंस एग्जीबिशन काउन्सिल ने इंडियन एयरफोर्स के प्रपोजल को मंजूरी दी है। भारत रूस के साथ यह डील कितने में कर रहा है, अभी इसका पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम- S-400 खरीदने के बाद भारत चीन या पाकिस्तान की ओर से किसी मिसाइल हमले की स्थिति में मुंहतोड़ जवाब दे सकेगा। भारत ऐसे 10-12 सिस्टम खरीदेगा।

यह मिसाइल सिस्टम 400 किलोमीटर तक की रेंज में आने वाले दुश्मन के एयरक्राफ्ट, फाइटर जेट, स्टील्थ प्लेन, मिसाइल और ड्रोन तक को मार गिराने की क्षमता रखता है। जाहिर है, भारत के बेहद नजदीक चीन या पाकिस्तान से किसी हमले के हालात में यह बेहद कारगर साबित होगा। रूस की एस-400 डिफेंस सिस्टम में अलग-अलग क्षमता की तीन तरह की मिसाइलें मौजूद हैं। यह न्यू जेनरेशन का एंटी एयरक्राफ्ट-एंटी मिसाइल सिस्टम है। ये सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें 120-400 किलोमीटर की रेंज में किसी भी टारगेट को आसानी से मार गिरा सकती हैं। रूसी एक्सपर्ट्स का दावा है कि एस-400 मिसाइल सिस्टम जमीन से हवा में वार कर सकता है। यह रडार पर पकड़ न आने वाले स्टील्थ मोड के फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट (अमेरिकन एफ-35 फाइटर जेट) को भी मार गिरा सकता है। चीन ने भी यही मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए रूस के साथ एक साल पहले 3 अरब डॉलर की डील की थी।