Friday, June 9, 2017

किसानों की कर्जमाफी समस्या या समाधान

मित्रों, ७० साल की उम्र में भी भारत केप्रधानमंत्री कब क्या कर जाएँ कोई नहीं जानता. कल पूरी दुनिया को हतप्रभ करते हुए पीएम अचानक लद्दाख की राजधानी लेह पहुँच गए और चीन के खिलाफ अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ानेवाला जबरदस्त भाषण दिया. प्रधानमंत्री ने चीन को स्पष्ट कर दिया कि भारत अब एक ईंच भी जमीन उसे नहीं देनेवाला भले ही उसे मानव इतिहास का भीषणतम युद्ध ही क्यों न लड़ना पड़े. प्रधानमंत्री ने चीन का नाम लिए बिना कहा कि आज का युग विस्तारवाद का युग नहीं है बल्कि विकासवाद का युग है. प्रधानमंत्री ने अपने परम ओजस्वी भाषण में कहा कि फिर भी अगर कोई देश इस सच्चाई को नहीं समझता है तो उसका विनाश निश्चित है.
मित्रों, भारत के ७० साल के जवान प्रधानमंत्री ने अपने २६ मिनट लम्बे भाषण में कहा कि भारत की शांतिपूर्ण नीति को भारत की कमजोरी नहीं समझना चाहिए क्योंकि भारत के जो श्रीकृष्ण शांतिकाल में बांसुरी की मनमोहक धुन से पूरी दुनिया को मोहित करने की क्षमता रखते हैं युद्ध काल में वही श्रीकृष्ण अपने चक्र सुदर्शन से शत्रुओं का सम्पूर्ण विनाश करना भी जानते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कमजोर देश शांति की स्थापना नहीं कर सकते क्योंकि धरती वीरों के भोगने के लिए बनी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज जल, थल, नभ और अन्तरिक्ष में अपनी ताकत अगर बढा रहा है तो इसके पीछे लक्ष्य शांति ही है. इतिहास गवाह है कि भारत ने कभी किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया भले ही वो कितना छोटा देश हो. इस अवसर पर सीमा पर महिला सैनिकों की तैनाती को देखकर रोमांचित प्रधानमत्री ने कहा कि मैं अपने सामने महिला सैनिक भी देख रहा हूं। सीमा पर जंग के हालात में यह देखना प्रेरणादायक है।
मित्रों, भारत के प्रधानमंत्री ने वंदेमातरम् और भारतमाता की जय के नारों के बीच कहा कि आज जिस कठिन परिस्थिति में आप सैनिक जिस तरह देश की हिफाजत कर रहे हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता। आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है, जहां आप तैनात हैं। उन्होंने कहा कि लेह-लद्दाख से लेकर कारगिल और सियाचिन तक, रेंजागला की बर्फीली चोटियों से लेकर गलवान घाटी के ठन्डे पानी की धारा तक, हर चोटी, हर पहाड़, हर कंकड़-पत्थर, हर जर्रा-जर्रा भारतीय सैनिकों के अद्भुत पराक्रम की गवाही दे रहे हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री निमू गए जहाँ उन्होंने १५ जून को चीन द्वारा धोखे से किए गए हमले में घायल जवानों से मुलाकात की. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सैनिकों से कहा कि आप जो सेवा करते हैं उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता है।आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा जहां आप तैनात हैं। आपकी भुजाएं उन चट्टानों से भी मज़बूत है जो आपके इर्द-गिर्द हैं. आज आपके बीच आकर मैं इसे महसूस कर रहा हूं.
मित्रों, इस तरह भारत के यशस्वी और परम तेजस्वी प्रधानमंत्री ने आक्रान्ता चीन और शेष दुनिया को भारत की मंशा बता दी है. उन्होंने बता दिया है कि यह १९६२ के नहीं २०२० का भारत है और आज के भारत ने कुत्तों के आगे रोटी फेंकना बंद कर दिया है. अब यह फैसला चीन को करना है कि वो विकास चाहता है या अपना सम्पूर्ण विनाश. भारत के वीरों का समर्पण और अतुल्य पराक्रम वह १५ जून को देख चुका है जब भारत के निहत्थे सैनिकों ने चीन के हथियारबंद सैनिकों की धोखेबाजी का करारा जवाब देते हुए चीन के चार दर्जन से भी ज्यादा सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था. यह पूरी दुनिया प्रथम विश्वयुद्ध के समय से ही जानती है कि जमीनी लडाई में भारतीय सैनिक लाजवाब हैं. बस रणभेरी बजने की देरी है. युद्ध का बिगुल बजते ही भारत के वीर चीन में ऐसी तबाही मचाएँगे कि चीन का महाशक्ति होने का अहंकार उसी खुद की मिटटी में मिलकर चकनाचूर हो जाएगा.

Saturday, July 16, 2016

तुर्की में सेना ने की तख्तापलट की कोशिश,अबतक १९४ की मौत

अंकारा (सं.सू.)। राजधानी अंकारा और इस्तांबुल में सड़कों पर टैंक, हेलीकॉप्टर से फायरिंग भी की गई। इसमें 17 पुलिस वालों सहित २०० लोगों की मौत हो चुकी है। शुरुआत में राष्ट्रपति रिसेप तईप एर्दोगन ने दावा किया था कि सेना की कोशिश नाकाम कर दी गई है लेकिन सेना ने दूसरी ओर सत्ता पर नियंत्रण का दावा किया था।

तख्तापलट की कोशिश नाकाम करने के बाद तुर्की ने शनिवार को कार्यवाहक आर्मी चीफ नियुक्त किया। कार्यवाहक आर्मी चीफ जनरल उमित दुंदर ने पद संभालते ही घोषणा कर दी कि तुर्की में सेना के तख्तापलट की कोशिश नाकाम रही।


तुर्की की सेना ने दावा किया है कि उसने सत्ता पर नियंत्रण कर लिया है। तुर्की में फिलहाल अनिश्चय की स्थिति आ गई है। क्योंकि सेना और सरकार दोनों एक-दूसरे के दावों को गलत बता रहे हैं। जिस समय सेना ने हमले शुरू किए, उस वक्त राष्ट्रपति एर्दोगन छुट्टियां मना रहे थे। लेकिन वे तुरंत इस्तांबुल लौटे और घोषणा की कि सेना के कब्जे से जल्द ही देश को निकाल लिया जाएगा।


राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि यह तख्तापलट की कोशिश राष्ट्रद्रोह है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है उसे भारी कीमत चुकानी होगी। हालांकि राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि जिन सैन्य अधिकारियों ने यह किया है उनकी गिरफ्तारी जारी है। एर्दोगन ने इसे सेना की सफाई करार दिया।


बिनाली यिलदीरिम ने कहा कि ये अमेरिका के मुस्लिम मौलवी फतेउल्लाह गुलेन के अनुयायियों की तरफ से सरकार के खिलाफ बगावत करने की महज एक कोशिश थी। हालांकि गुलेन से जुड़े संगठन ने इसमें हाथ होने की बात से इनकार किया है।

तुर्की की संसद में विस्फोट की खबर है, जहां सेना ने अपने टैंक तैनात कर दिए थे। शुक्रवार को तुर्की सेना ने सभी ब्रॉडकास्टर्स को ई-मेल भेजकर पूरे देश पर कब्जे का दावा किया है।


यहां लोग राष्ट्रपति रिसेप तईप एर्दोगन और सरकार के सपोर्ट में सड़कों पर उतर आए हैं। इस्तांबुल में सेना ने भीड़ पर गोलियां बरसाईं, जिसके बाद वहां कई लोगों के घायल होने की खबर है।


तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदीरिम ने सुरक्षा बलों से कहा है कि सेना का मुकाबला करने के लिए जो संभव हो किया जाए। पूरे देश में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है और सभी एयरपोर्ट समेत उड़ानें रोक दी गई हैं।


एक एजेंसी ने दावा किया है कि तुर्की की राजधानी अंकारा में सेना के हेलिकॉप्टर से गोलीबारी की गई। इसके अलावा अंकारा में भारी विस्फोटों की आवाज सुनी गई है। यहां की एक मीडिया बिल्डिंग में विस्फोट किया गया है।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि अंकारा में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक घरों के अंदर रहने और बाहर न जाने की सलाह दी है। उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए अंकारा में इमरजेंसी नंबर +905303142203 जबकि इस्तांबुल में इमरजेंसी नंबर +905305671095 जारी किए हैं।


बिनाली यिलदीरिम ने एक चैनल से बात करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने गैर-कानूनी कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि 'जनता द्वारा चुनी गई सरकार ही सत्ता में रहेगी। सरकार तभी जाएगी, जब जनता चाहेगी।' पीएम ने कहा कि हमला करने वालों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।


तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तईप एर्दोगन ने कहा कि तख्तापलट की कोशिश करने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वो सरकार को सपोर्ट करने के लिए सड़कों पर उतरें, जिसके बाद हजारों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया और सरकार का साथ दिया। उनके अलावा तुर्की के मेयर ने भी लोगों से कहा कि वो सड़कों पर उतर जाएं।


कई टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे फुटेज में सेना के वाहन पुलों को ब्लाक करते और शहर के एयरपोर्ट को टैंक से घेरते नजर आए। यहां बेहद कम ऊंचाई पर सैन्य विमानों के उड़ने की आवाजें साफ सुनी जा सकती है। इसके अलावा लोगों ने गोलीबारी भी सुनी है। सेना के कब्जा करते ही अंकारा पुलिस विभाग हरकत में आया और अपने पूरे स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर तैनात रहने के लिए कहा।


तुर्की में सैन्य हमले के चलते फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब समेत पूरे सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा कई चैनलों को ऑफ एयर कर दिया गया और एयरपोर्ट बंद किए गए हैं हालांकि बाद में कुछ लोकल टीवी चैनलों को बहाल कर दिया गया है।

विदित हो कि तुर्की की सरकार कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस का समर्थन करती रही है।

इसी ने लगाये थे पटना में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, पकड़ें तो ले जाएं थाने

पटना (सं.सू.)। राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर शुक्रवार के दिन पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाने की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इन लोगों के खिलाफ पीरबहोर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस मुख्यालय के स्तर से जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें एक पटना से मोहम्मद तौफीक नाम का व्यक्ति भी है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया की ओर से इस्लामिक स्कॉलर डॉ जाकिर नाईक और ओवैसी के समर्थन में कारगिल चौक पर मार्च निकाला गया था और  पाकिस्तान जिन्दा बाद के नारे भी लगाए गए थे। इस दौरान वहां बिहार पुलिस के जवान भी मौजूद  रहे लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पूरे मामले को पटना पुलिस ने गंभीरता से लिया है पीरबहोर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय के दिशा निर्देश पर एक टीम भी गठित की गई है जिसमें एसपी, 2 डीएसपी और 3 इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। इसके अलावा जिन थाना क्षेत्रों से जुलूस गुजरा था उस इलाके के दो थानेदारों पर शो कॉज नोटिस भी जारी किया गया है।

बताया जा रहा है कि जुलूस में शामिल होने वालों में कुछ लोग मोतिहारी और दरभंगा के थे। संभवत: नारा उन्हीं लोगों के द्वारा लगाया गया था। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए दरभंगा और मोतिहारी जा चुकी है।

पाकिस्तानी मॉडल कंदील बलोच की हत्या, भाई पर लगा आरोप

मुल्तान (सं.सू.)। पाकिस्तान की चर्चित मॉडल कंदील बलोच की मुल्तान में हत्या कर दी गई है। कत्ल का आरोप उनके भाई पर लगा है और इसे ऑनर किलिंग का मामला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह ईद के मौके पर अपने घर गई हुई थीं। कंदील पाकिस्तान का एक चर्चित नाम थीं जो सोशल मीडिया पर अक्सर विवादों में घिरी रहती थीं। रिपोर्ट के मुताबिक उनके भाई ने उन्हें धमकी दी थी कि वह इंटरनेट पर अपनी तस्वीरें न पोस्ट करें। पिछले हफ्ते ही उनका वीडियो 'बैन' वायरल हो गया था जिसने मूलत: रूढ़िवादी देश पाकिस्तान में विवाद खड़ा कर दिया था।


यही नहीं हाल ही में कंदील ने पाकिस्तान के एक नामी मौलवी मुफ्ती अब्दुल क़वी के साथ एक सेल्फी भी खिंचवाई थी जिसके बाद सरकारी समिति से क़वी को निलंबित कर दिया गया था। यही नहीं धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने भी मौलवी और कंदील की इस तस्वीर की निंदा की थी। तीन हफ्ते पहले बलोच ने पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री और इस्लामाबाद के वरिष्ठ एसपीको ख़त लिखकर सुरक्षा मुहैया करवाने की गुज़ारिश की थी। बलोच ने कहा था कि उनकी जान खतरे में है और उन्हें फोन कॉल के ज़रिए धमकियां मिलती रहती हैं।


इसी साल टी-20 वर्ल्डकप के दौरान अपने बयानों से बलोच काफी सुर्खियों में रही थीं। खबरें यह भी थीं कि वह रियलिटी शो 'बिग बॉस' के 10वें सीजन में नजर आ सकती हैं। इसी साल 19 मार्च को खेले गए टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच एक मैच में विराट कोहली की शानदार बैटिंग की बदौलत टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की थी। उसके बाद ही बलोच ने विराट के लिए ट्वीट किया था 'विराट बेबी अनुष्का शर्मा ही क्यों?' फीलिंग इन लव।'

10 साल बाद इंटर स्टेट काउंसिल की बैठक, पीएम बोले- राज्य और केंद्र मिलकर चलें

नई दिल्ली (सं.सू.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 11वीं इंटर स्टेट काउंसिल मीटिंग को संबोधित किया। इस मीटिंग में सभी केंद्रीय मंत्री और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। मोदी ने कहा कि 'उन्हें खुशी है कि पिछले साल 2015-16 में राज्यों को केंद्र से जो रकम मिली है, वह साल 2014-15 की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा है।'


PM ने कहा कि 2006 के बाद ये बैठक नहीं हो पाई, लेकिन मुझे खुशी है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी ने इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का प्रयास किया।

इसके बाद उन्होंने कहा कि देश में ऐसे मौके कम ही आते हैं जब देश का मुखिया और राज्यों के मुखिया साथ आकर कोई काम करें। लेकिन विकास तभी संभव है जब सभी राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करें।

पीएम मोदी ने बैठक के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर कहा कि 'वाजपेयी जी कहते थे कि भारत जैसे बड़े देशों में वाद-विवाद, बहस योजनाओं को प्रभावित करती हैं।' इसके बाद पीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि शिक्षा का मकसद है चरित्र का निर्माण, अपनी बौद्धिक शक्ति को बढ़ाना, ताकि खुद के पैरों पर खड़ा हुआ जा सके।

    आपसी विमर्श से हम न सिर्फ केंद्र-राज्य रिश्तों को मजबूत करेंगे बल्कि देश के नागरिकों के बेहतर भविष्य को भी सुनिश्चित करेंगे: PM Modi
    — PMO India (@PMOIndia) July 16, 2016

    डॉ अम्बेडकर ने कहा था कि सामाजिक सुधार का मार्ग, स्वर्ग जाने जितना मुश्किल है। सामाजिक सुधार की राह में दोस्त कम, आलोचक ज्यादा मिलते हैं: PM
    — PMO India (@PMOIndia) July 16, 2016

    CAMPA कानून में बदलाव के जरिए बैंक में रखे हुए करीब 40 हजार करोड़ रुपए को भी राज्यों को देने का प्रयास किया जा रहा है: PM
    — PMO India (@PMOIndia) July 16, 2016

    पिछले एक साल में वे देश भर की पाँच आंचलिक परिषदों की बैठक बुला चुके हैं। इसका ही नतीजा है कि आज हम सभी यहां इकट्ठा हुए हैं: PM Modi
    — PMO India (@PMOIndia) July 16, 2016

पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतियों और उनसे कैसे निपट सकते हैं, कैसे एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं। इस पर आज चर्चा होनी चाहिए। मोदी बोले की आंतरिक सुरक्षा को तब तक मजबूत नहीं किया जा सकता, जब तक इंटेलिजेंस शेयरिंग पर फोकस न हो। मोदी बोले की हर समय अलर्ट और अपडेटेड रहने की जरूरत है।

Friday, July 15, 2016

भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना तो बुलाया बंद

श्रीनगर (सं.सू.)। कश्मीर मुद्दे पर हर मोर्चे पर लगातार मुंह के खाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। पागलपन की हद तक पहुंचे पाकिस्तानी कैबिनेट ने कश्मीर के कथित हालात के खिलाफ ‘काला दिवस’ मनाने का फैसला किया है। 19 जुलाई को यह दिवस पाकिस्तान की ओर से मनाया जाएगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही यूएन में कश्मीर मुद्दे पर दखलअंदाजी के प्रयास में भारत के जवाब से पाकिस्तान की किरकिरी हुई है।

भारत ने कश्मीर घाटी में हो रही हिंसा को पाकिस्तान से रणनीति के तहत मिल रहे समर्थन के मद्देनजर कहा है कि पाकिस्तान ऐसा देश है जो दूसरों की जमीन पर कब्जा जमाना चाहता है।

आतंकवाद को नीतिगत तौर पर इस्तेमाल करता है और संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल आतंकवादियों को पनाह देता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने बुधवार को मानवाधिकार पर एक कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान वही देश है जो मानवाधिकार हनन के अपने लंबे रिकार्ड की वजह से मानवाधिकार परिषद की सदस्यता हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन जुटाने में विफल रहा है।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान ऐसा देश है कि जो आतंकवादियों का गुणगान करता है और संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल आतंकवादियों को पनाह देता है। वह ऐसा देश है जो मानवाधिकारों और आत्म निश्चय के लिए समर्थन जुटाने के प्रयासों का ढोंग करता है। पाकिस्तान ने कश्मीर घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने का मुद्दा उठाया जिसके बाद अकबरुद्दीन की यह कड़ी टिप्पणी आयी है। पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी ने बुरहान को ‘कश्मीरी नेता’ और उसकी मौत को ‘गैर कानूनी’ बताया।

भारतीय दूत ने कहा कि पाकिस्तान के स्वार्थी प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र में या किसी अन्य मंच पर कोई समर्थन नहीं मिलेगा। भारत को विविधता वाले, अनेकवादी और सहिष्णु समाज बताते हुए श्री अकबरुद्दीन ने कहा कि कानून, लोकतंत्र और मानवाधिकार के प्रति देश की प्रतिबद्धता उसके मूल सिद्धांतों में है।

उन्होंने कहा, हम बातचीत और सहयोग के जरिए सभी मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। बुरहान वानी की मौत के बाद  से ही भारत और पाकिस्तान के बीच वाकयुद्ध चल रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वानी की मौत को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया और सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने भी इसकी निंदा की। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान से उसके अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप न करने के लिए कहा है।


लड़की देख चलती बाईक पर हस्तमैथुन करनेवाला गिरफ्तार

मुम्बई (सं.सू.)। मंगलवार को मुंबई में दो लड़कियों के सामने एक अजीब और बेहद घटिया हरकत हुई। मगर इस हरकत का जवाब इन लड़कियों ने ट्वीट के जरिए दिया।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ लोगों से जुड़ने और पर्सनल फोटो शेयर के लिए नहीं है, इसे आप अपनी सुरक्षा और सहयोग के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं। मुंबई पुलिस ट्विटर पर काफी एक्टिव रहती है। इसके ट्विटर हैंडल से ना सिर्फ फनी तरीके से लोगों को जागरुक किया जाता है, बल्कि ट्विटर पर होने वाली कंप्लेंट और mentions पर भी ये तुरंत एक्शन लेते हैं।

मंगलवार को मुंबई में दो लड़कियों के सामने एक अजीब और बेहद घटिया हरकत हुई। मगर इस हरकत का जवाब इन लड़कियों ने ट्वीट के जरिए दिया। दरअसल एक बाइक सवार ऑटो में बैठी इन दो लड़कियों का पीछा कर रहा था। बाइक चलाते हुए यह शख्स इन दोनों लड़कियों की तरफ देख रहा था और साथ में हस्तमैथुन कर रहा था।


हालांकि इन दो बहादुर लड़कियों ने शख्स की इस बेहूदा हरकत को कैमरे में कैद कर लिया। इस तस्वीर को उन लड़कियों की एक दोस्त ने मुंबई पुलिस के ट्विटर हैंडल पर tweet कर दिया। पुलिस ने तुंरत इस पर एक्शन लिया और तीन घंटे के अंदर इस शख्स को ढूंढ निकाला। फोटो के अलावा लड़कियों ने उस शख्स की बाइक का नंबर भी नोट कर लिया था। जिसके आधार पर पुलिस ने RTO डीटेल के जरिए इस शख्स को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान बांद्रा में रहने वाले 35 साल के रियास लियाकत कुरैशी के रूप में हुई है।


पिछले साल भी ऐसी ही एक हरकत देखने को मिली थी, जब गोपाल बाल्मीकि नाम के एक व्यक्ति पर अमेरिकी महिला के सामने ऐसी हरकत करने के आरोप लगे थे। हालांकि गोपाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। गोपाल का कहना था कि वह सिर्फ पेशाब कर रहा था, जिसे देख महिला को गलत फहमी हो गई होगी।

शीला दीक्षित पर कसा ACB ने अपना शिकंजा

नई दिल्ली (सं.सू.)। एक ओर जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का दावेदार प्रत्याशी बनाए जाने की तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी ओर दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा उन पर शिकंजा कसने की तैयारियां चल रही हैं। दरअसल वाटर टैंकर घोटाले के मामले में समन जारी कर दिया गया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से पूछताछ की गई। पूछताछ के लिए उन्हें 26 अगस्त को निमंत्रित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि वाॅअर टैंकर घोटाला 2011 का है। शीला दीक्षित पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने दिल्ली में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर किराए पर लेने के लिए जिस मद का व्यय किया था उसमें 400 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें एसीबी से पत्र मिला है। मगर इस पत्र में तारीख का उल्लेख भी नहीं है। इस तरह के घोटाले में पहली बार अरविंद केजरीवाल की 49 दिनों की सरकार के समय सामने आया था। ऐसे समय आम आदमी पार्टी की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के विरूद्ध शिकायत भी की थी।

इस मामले में उस पर नोटिस भेज दिया गया है। इस मामले में दिल्ली के घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। भारतीय जनता पार्टी के एमएलए भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर इस तरह के मामले को दबाने का आरोप भी लगाया। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को लेकर घोटाले करने और विभिन्न जांच रिपोर्टस को दबाने का आरोप भी लगाया था।

मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में जहां भी पाईप लाईन के माध्यम से जलप्रदाय नहीं होता था वहां पर वाॅटर सप्लाय के लिए टैंकर किराए पर लिए जाने की बात कही गई थी। जल बोर्ड को स्टेनलेस स्टील वाले 450 माउंटेड टैंकर किराए पर लेने की बात भी कही गई थी। इस हेतु कई बार टेंडर निकाले गए थे। मगर इ टेंडर्स को बार - बार कैंसल कर दिया गया। बाद में टेंडर्स की लागत 637 करोड़ 23 लाख रूपए हो गई। ऐसे में इसमें घोटाले का आरोप भी लगाया गया।

आतंकी हमले पर पीएम मोदी ने जताया दुख, फ़्रांस के राष्ट्रपति ने बताया इस्लामिक हमला

नई दिल्ली (सं.सू.)। फांस में हुए आंतकी हमले से पूरी दुनिया में दुख का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के तमाम नेताओं ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। बता दें कि फ्रांस के नीस में बास्टिले डे के जश्न के दौरान भारी संख्या में लोग आतिशबाजी देखने जुटे थे तभी एक बड़ा ट्रक भीड़ में जा घुसा और लोगों को कुचलता चला गया। इस घटना में 80 लोगों की मौत हो गई।

मोदी ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर कहा, 'नीस में इस खौफनाक हमले से व्यथित हूं। मैं पागलपन से भरे इन हिंसक कृत्यों की कड़ी निंदा करता हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवार के साथ है।' मोदी ने कहा, 'भारत हमारे फ्रांस के भाईयों और बहनों के दुख को साझा करता है और इस दुख की घड़ी में दृढ़ता से उनके साथ खड़ा है।'

फांस में हुए आंतकी हमले से पूरी दुनिया में दुख का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के तमाम नेताओं ने इस आतंकी हमले की निंदा की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी नीस में हुए ‘भीषण प्रतीत होने वाले आतंकवादी हमले’ की निंदा की। अमेरिका में राष्‍ट्रपति पद के उम्‍मीदवार डोनाल्‍ड ट्रंप ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है और कहा है कि वह हर दिन पीड़ितों के साथ हैं। ट्रंप ने कहा कि नीस में एक और भयानक हमला हुआ है। कई मारे गए और कई घायल हुए हैं। हम कब सीखेंगे? यह और बुरा होता जा रहा है...

मोदी ने कहा है कि भारत हमारे फ्रांस के भाईयों और बहनों के दुख को साझा करता है और इस दुख की घड़ी में दृढ़ता से उनके साथ खड़ा है।

इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद ने कहा है कि पूरा फ्रांस इस वक्त 'इस्लामी आतंकवाद के खतरे' का सामना कर रहा है, और उन्होंने देश में जारी इमरजेंसी को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। टीवी पर जारी अपने बयान में फ्रांसवा ओलांद ने नीस में हुए हमले के बारे में कहा, 'हमले के आतंकवादी स्वरूप को नकारा नहीं जा सकता...' राष्ट्रपति ने देश में नवंबर में हुए आतंकवादी हमले के वक्त से जारी इमरजेंसी को तीन महीने के लिए बढ़ाने का भी ऐलान किया, हालांकि उस फैसले को संसद से मंजूरी लेनी होगी। देश में जारी इमरजेंसी को 26 जुलाई को समाप्त होना था।

Thursday, July 14, 2016

अखलाक के परिवार वालों के खिलाफ दर्ज हो गोहत्या का केस-कोर्ट

नई दिल्ली (सं.सू.)। यूपी के बहुचर्चित दादरी कांड की गूंज एक बार फिर गूंजी है,दरअसल बिसाहड़ा के गांववालों की याचिका पर मृतक अखलाक के परिवार वालों के खिलाफ मामला दर्ज होगा। ग्रेटर नोएडा कोर्ट ने मृतक अखलाक के परिवार पर गोहत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया है।इस मामले में बिसाहड़ा के गांववालों ने याचिका दी थी। इस मामले में मथुरा लैब की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में गोवध अधिनियम के तहत केस दर्ज होगा।

कोर्ट ने जारचा थाने को आदेश दिए हैं कि मामला दर्ज करके जांच रिपोर्ट अदालत में जमा कराए।दरअसल इस साल अप्रैल में मथुरा फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में कहा गया कि टेस्ट के लिए भेजा गया मांस गौ मांस था। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर बिसाहड़ा के रहने वाले सूरजपाल ने मो. अखलाक के परिवार पर गो हत्या का मामला दर्ज कराने की याचिका लगाई थी।

जनरल वीके सिंह फिर बने ‘संकटमोचक’, भारतीयों को बचाने सूडान रवाना हुए

नई दिल्ली (सं.सू.)। दक्षिण सूडान में जारी गृह युद्ध में फंसे सैकड़ों भारतीयों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू हो गया है। इस ऑपरेशन को पूरा करने के लिए आज सुबह विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा के लिए रवाना हो गए। जुबा रबाना होने से पहले वीके सिंह ने कहा कि विदेशों में फंसे भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए सरकार सजग है। उनका मकसद मुसीबत में फंसे लोगों को सुरक्षित लाना है।

भारत सरकार ने इस अभियान को ऑपरेशन संकट मोचन नाम दिया है। ऑपरेशन संकट मोचन का मकसद दक्षिण सूडान में फंसे 300 हिंदुस्तानियों को राजधानी जुबा से सुरक्षित बाहर निकालना है। इस बार भी इस अभियान की अगुवाई विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह कर रहे हैं। इस अभियान में भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस अभियान का फायदा उन्हीं को मिलेगा जिनके पास वैध भारतीय यात्रा दस्तावेज होगा। एक अनुमान के मुताबिक जुबा और इसके आसपास के इलाकों में 600 भारतीय हो सकते हैं। हालांकि भारतीय दूतावास के पास सिर्फ 300 भारतीयों ने ही वापसी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

भारत युद्ध प्रभावित दक्षिण सूडान के शहर जूबा दो सी-17 सैन्य परिवहन विमान भेजेगा, ताकि वहां फंसे 300 से अधिक भारतीयों को निकाला जा सके। इस अभियान का नेतृत्व विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह करेंगे।

पिछले साल भी वीके सिंह ने यमन में फंसे 4000 हिंदुस्तानियों और विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकालने के काम को बखूबी अंजाम दिया था। इस बार हालात को देखते हुए यह अभियान यमन में किए गए ऑपरेशन से ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कल ही ट्विटर पर इस बात की पुष्टि की थी कि जनरल वीके सिंह ही इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। सुषमा स्वराज ने इस अभियान के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को भी बधाई दी है।

बिहार में पहली ही पोस्टिंग में रिश्वत लेते एसडीएम गिरफ्तार


पटना (सं.सू.)। बेशक सरकार नेता चलाते हों पर देश की व्यवस्था नौकरशाह चलाते हैं। इन्ही नौकरशाहों के कंधो पर देश के लिए योजना बनाने की जिम्मेदारी होती है। लेकिन यही नौकरशाह अगर भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाए तो देश कैसे चलेगा। ताजा मामला बिहार का है, जहां कहने को तो भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस है लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। भ्रष्टाचारियों का उत्साह इतना बढ़ चुका है कि पुराने और मंझे हुए अधिकारियों की तो छोड़िए, मैदान में नए आए पहली पोस्टिंग वाले अधिकारी भी पीछे नहीं हैं। मंगलवार को मोहनिया अनुमंडल के एसडीएम व आईएएस जितेन्द्र गुप्ता को 80 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ऐसा पहली बार है जब किसी अधिकारी को उसकी पहली पोस्टिंग पर ही रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।

निगरानी की टीम ने एसडीएम जितेन्द्र गुप्ता को ट्रक ड्राईवर के 80 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ट्रक ड्राइवर के अनुसार, मोहनिया के एसडीएम ने उसकी चार गाड़ियों को पकड़ा था। गाड़ियों पर लोहा लदा था। वह टाटा से पंजाब जा रहा था। उसकी एक गाड़ी को छोड़कर बाकी की तीन गाड़ियां ओवरलोडेड थीं, जिसे पिछले चार दिनों से खड़ा करवा कर एक लाख पैतालीस हजार रुपए की मांग एसडीएम कर रहे थे।

ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी आइएएस अफसर को अपनी पहली ही पोस्टिंग में विजिलेंस की टीम ने पकड़ा है। आपको बता दें कि जितेंद्र गुप्ता 2013 बैच के आईएएस हैं और बिहार के मोहनिया में बतौर एसडीएम ये उनकी पहली पोस्टिंग है।

कभी इस स्कूल में राजेंद्र प्रसाद ने की थी पढ़ाई, आज 9वीं-10वीं में एक भी टीचर नहीं

छपरा (सं.सू.)। ये छपरा का जिला स्कूल है। ऐतिहासिक स्कूल। यहीं से देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1906 में 10वीं पास की थी। स्कूल को अपग्रेड कर इंटर कॉलेज बना दिया गया है। ब्लॉक लेवल के तमाम शिक्षाधिकारियों का दफ्तर भी इसी ऐतिहासिक कैंपस में है। 600 के करीब स्टूडेंट्स हैं। नहीं हैं… तो बस टीचर। हाईस्कूल यानी 10वीं तक के लिए एक भी टीचर्स नहीं।आए दिन क्लासेज होती हैं सस्पेंड.......

इंटर यानी 11वीं-12वीं के लिए 46 के विरुद्ध मात्र 16 टीचर्स। नतीजतन, इस स्कूल में सब कुछ हो रहा है सिवाय पढ़ाई के। प्रिंसिपल रतन सिंह मानते हैं कि टीचर्स के अभाव में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बोले- हमने टीचर्स की कमी से सीनियर ऑफिसर्स को अवगत करा दिया है। वैसे, स्कूल कैंपस में राजेंद्र वाटिका विकसित करने की तैयारी है। राजेंद्र बाबू के नाम पर संग्रहालय स्थापित करने का प्रयास चल रहा है। प्लस टू के टीचर्स कभी-कभार नौवीं-दसवीं के छात्रों को पढ़ा दिया करते हैं। आए दिन क्लासेज सस्पेंड रहती हैं। इन कारणों से स्टूडेंट्स की उपस्थिति 25 से 30 फीसदी ही रहती है। सभी तरह के ऑफिस होने के कारण रोज-ब-रोज कोई न कोई मीटिंग होती रहती है। इससे भी पढ़ाई पर फर्क पड़ता है।

जिला स्कूल कैंपस में ही एक नवस्थापित हाईस्कूल चलता है। इसके प्राचार्य पद के प्रभार में जिला स्कूल के ही प्राचार्य हैं।  इस स्कूल में करीब 150 स्टूडेंट्स नॉमिनेटेड हैं, लेकिन टीचर एक भी नहीं हैं, इस कारण क्लासेज नहीं लगतीं।  इतना ही नहीं जिला स्कूल बिल्डिंग में ही जिला शिक्षा कार्यालय, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा, साक्षरता कार्यालय तथा योजना एवं लेखा कार्यालय है। इन ऑफिस को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल ने कई बार पत्राचार भी किया था।  परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। स्कूल में शिक्षा कार्यालय होने के कारण भी पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती।

दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका ने चीन को चेताया, महंगी पड़ेगी फैसले की अनदेखी

वाशिंगटन (सं.सू.)। दक्षिण चीन सागर में चीन के दावों के खिलाफ सुनाए गए अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले का पालन करने से चीन के इनकार के मद्देनजर अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ‘‘बड़े देशों' की ओर से अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन नुकसानदेह हो सकता है और उसने जोर दिया कि यह फैसला बाध्यकारी एवं अंतिम है।

व्हाइट हाउस ने भड़काऊ एवं उत्तेजक टिप्पणियां किए जाने के खिलाफ भी चेतावनी दी। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह उत्तेजक एवं भड़काउ टिप्पणियां या काम करने का समय नहीं है। हमारा मानना है कि यह गहरे संघर्ष की ओर बढ़ने का समय नहीं है बल्कि दक्षिण चीन सागर (एससीएस) में प्रतिस्पर्धी दावों के शांतिपूर्ण एवं राजनयिक समाधान की ओर बढ़ने का समय है।' उन्होंने कहा, ‘‘हम दक्षिण चीन सागर के जरिए होने वाले अरबों डॉलर के वाणिज्य की रक्षा करना चाहते हैं। हम विश्व के इस इलाके में पारगमन मार्गों एवं नौवहन के मार्गों की रक्षा करना चाहते हैं और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ये प्रतिस्पर्धी दावे किसी प्रकार के सैन्य संघर्ष में नहीं बदलें।' अर्नेस्ट ने कहा, ‘‘इसलिए हमने यह रख अपनाया है।'

द हेग स्थित मध्यस्थता अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया था कि ‘नाइन-डैश लाइन' में पड़ने वाले समुद्री क्षेत्र पर ऐतिहासिक अधिकार के दावे के लिए चीन के पास कोई कानूनी आधार नहीं है। इसके बाद चीन ने दक्षिण चीन सागर पर एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (एडीआइजेड) घोषित करने की धमकी देकर कल एसएससी में तनाव बढ़ा दिया था।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने फिलीपीन द्वारा अदालत में लाए गए इस मामले पर सुनाए गए फैसले के बारे में कहा कि चीन इस निर्णय को ‘‘स्वीकार करने से इनकार' करेगा।

अर्नेस्ट ने कल कहा था कि ‘‘हमारी आपस में जुड़ी दुनिया' की सफलता सुनिश्चित करने लिए कुछ नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि बड़े देश इन नियमों का उल्लंघन करने और अपनी ताकत जताने की इच्छा रखते हैं तो यह नुकसानदेह हो सकता है।' अर्नेस्ट ने कहा कि अमेरिका एससीएस के दावेदारों में शामिल नहीं है और किसी विशेष दावे का ‘‘समर्थन या विरोध' नहीं करता, बल्कि अमेरिका ने प्रतिस्पर्धी दावे करने वालों से शांतिपूर्वक एवं कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की मजबूत अपील की है।

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कि समुद्री कानून संधि पर चीन और फिलीपीन दोनों ने हस्ताक्षर किए हैं इसलिए ‘‘अमेरिका का यह मानना है कि न्यायाधिकरण का यह फैसला बाध्यकारी एवं अंतिम है।'

दिग्विजय सिंह का ट्वीट, अमृता राय ने प्रॉपर्टी से अपना हक छोड़ा

नई दिल्ली (सं.सू.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने उनकी पारिवारिक और अर्जित संपत्ति से अपना पूरा अधिकार त्याग दिया है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके यह जानकारी देते हुए बताया कि अमृता ने यह अधिकार उनके पुत्र जयवर्धन के हक में छोड़ा है।

गौरतलब है कि अमृता ने फेसबुक पर एक पोस्ट में यह लिखा था कि उन्‍होंने दिग्विजय सिंह से केवल प्यार के लिए शादी की है और वह (दिग्‍विजय) अपनी सारी जमीन और जायदाद अपने बेटे और बेटी के नाम कर दें। दिग्विजय और अमृता की शादी को लेकर कई तरह की चर्चा होती रही हैं। दिग्विजय और अमृता ने सितंबर 2015 में शादी की थी, जिसकी जानकारी खुद अमृता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर दी थी।

मेरी पत्नी  अमृता राय ने मेरी पारिवारिक और अर्जित सम्पत्ति में अपना सम्पूर्ण अधिकार मेरे पुत्र जयवर्धन के हक़ में त्याग दिया। जो कहा सो किया!
    — digvijaya singh (@digvijaya_28) July 13, 2016

अमृता राय ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर सितंबर 2015 एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने दिग्विजय सिंह से शादी कर ली हैं। उन्होंने बताया था कि शादी हिन्दू रीति रिवाज से हुई है। अमृता राय ने बताया कि हिन्दू रीति रिवाज से शादी करने के बाद उन्होंने अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन भी कराया।

अमृता राय ने फेसबुक पर बेबाकी से अपनी बात रखकर देशवासियों को अपने और दिग्विजय सिंह के रिश्ते की सच्चाई बताने का प्रयास किया था। बता दें, उन्होंने लिखा था, 'मैंने  दिग्विजय सिंह से केवल प्यार के लिए शादी की है, इसलिए मैं चाहती हूं कि दिग्विजय सिंह अपनी सारी जमीन और जायदाद अपने बेटे और बेटी के नाम कर दें। मैं केवल उनके साथ रहना चाहती हूं और उनकी कंपनी को एन्जॉय करना चाहती हूं।'

Wednesday, July 13, 2016

अरुणाचल में आसान नहीं कांग्रेस की राह, बहुमत जुटाना टेढ़ी खीर

नई दिल्ली (सं.सू.)। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में तो अरुणाचल प्रदेश की जंग जीत ली है, लेकिन सिर्फ सरकार बहाल करने से ही हालात सामान्य नहीं होंगे। बल्कि विधानसभा में नबाम तुकी को बहुमत साबित करना पड़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस के बागी खेल को बना या बिगाड़ सकते हैं।

विदित हो कि दिसंबर 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद साठ सीटों वाले अरुणाचल में कांग्रेस को 42 सीटों के साथ बहुमत मिला था। बीजेपी को 11 सीटें हासिल हुई थीं। पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल को 5 सीटें और 2 सीटें निर्दलीय को मिली थीं। मगर, दिसंबर 2015 के बाद बागियों ने खेल बिगाड़ दिया।

मौजूदा स्थिति में कांग्रेस के पास 22 विधायक हैं। 20 विधायक बाग़ी होकर बीजेपी के साथ हैं। बीजेपी के पास 11, पीपीए के पास 5 और 2 सीट निर्दलीय के पास हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास बहुमत साबित करना बड़ी चुनौती है।

कोर्ट के आदेश के तहत कांग्रेस को दोबारा सरकार में आने का अधिकार तो मिल गया है, लेकिन बागियों को अपने साथ लाना आसान नहीं है इसलिए, नबाम तुकी को अरुणाचल विधानसभा में बहुमत की जंग जीतनी पड़ सकती है।

अब नबाम तुकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। इसके अलावा स्पीकर खुद बहुमत साबित करने के लिए बुला सकते हैं। या नबाम तुकी खुद ही बहुमत साबित करने की इजाजत मांग सकते हैं। तीनों ही स्थिति में सबसे अहम होंगे कांग्रेस के 20 बागी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा- ये 'ठुल्ला-ठुल्ला' क्या है, बताएं केजरीवाल?

नई दिल्ली (सं.सू.)। दिल्ली पुलिस को 'ठुल्ला' कहने पर अरविंद केजरीवाल को हाईकोर्ट से झटका लगा है।  दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वे 'ठुल्ला' का मतलब समझाएं।  अब 21 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी।

हाईकोर्ट ने मामले में निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी है।  निचली अदालत के फैसले के मुताबिक आपराधिक मानहानि मामले में अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस के खिलाफ 'ठुल्ला' वाला बयान देने के लिए समन किया जाना था।

गौरतलब है कि 'आज तक' को दिए एक इंटरव्यू के दौरान अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस को ठुल्ला कहा था।  केजरीवाल ने ये बयान साल 2015 में दिया था।  जिसके बाद से ही दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।  जब केजरीवाल ने बयान दिया था उस समय दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी थे और उन्होंने बयान पर ऐतराज जताया था।  उन्होंने कहा था कि अगर मुख्यमंत्री ऐसा बयान देते हैं तो यह अपमानजनक है।

अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका, SC ने कांग्रेस की सरकार बहाल की

नई दिल्ली (सं.सू.)। उत्तराखंड के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है।  सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की सरकार को फिर से बहाल करने का आदेश दिया है।  सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्यपाल के फैसले को ग़लत बताया और 15 दिसंबर 2015 की स्थिति बहाल करने का आदेश दिया।  उस वक्त राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और नबाम तुकी सीएम थे।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सलाह किए बिना ही राज्यपाल द्वारा विधानसभा सत्र के बुलाए जाने को असंवैधानिक करार दिया।   विधानसभा का सत्र 14 जनवरी से शुरू होना था।  लेकिन, इसे 16 दिसंबर को ही बुला लिया गया।  राज्यपाल ने सत्र का एजेंडा भी खुद ही तय कर दिया।  स्पीकर को हटाने संबंधी प्रस्ताव को कार्यवाही की लिस्ट में सबसे पहले रख दिया।

कांग्रेस विधायकों ने डिप्टी स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन राज्यपाल ने बीजेपी के 11 विधायकों की मांग पहले सुनी जिसमें स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव था।  सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल द्वारा सत्र बुलाने और उसके बाद हुई विधानसभा की कार्यवाही को असंवैधानिक करार दे दिया है।  अरुणाचल में 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस को 42 सीटें मिली थीं।  लेकिन अब कांग्रेस के कई विधायक कई बागी हो चुके हैं।

गौरतलब है कि न्यायमूर्ति जेएस शेखर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने फरवरी में फैसला सुरक्षित रख लिया था।  शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस फैसले का असर न सिर्फ अरूणाचल प्रदेश पर, बल्कि प्रत्येक राज्य पर होगा।  पीठ ने याचिकाओं के दो अन्य सेट को पृथक कर दिया था।  जो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने और फिर इसे हटाए जाने, जिसके बाद नयी सरकार का गठन हुआ था, को लेकर दायर की गई थीं।

उच्चतम न्यायालय द्वारा फरवरी में फैसला सुरक्षित रखे जाने से थोड़ी देर पहले ही बागी कांग्रेस नेता कालिखो पुल ने अरूणाचल प्रदेश के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।   उनके साथ कांग्रेस के 18 असंतुष्ट विधायक, दो निर्दलियों का समर्थन और बीजेपी के 11 विधायकों का बाहरी समर्थन था।

जिस दिन पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा था, उस दिन इसने पुल के नेतृत्व वाली सरकार के ‘अवैध’ शपथग्रहण के खिलाफ कांग्रेस की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था।  साथ ही कहा था कि यदि राज्यपाल की कार्रवाई असंवैधानिक पाई जाती है तो वह ‘घड़ी को उल्टा घुमा सकती है।  ’

जेटली पर आरोपों से केजरीवाल ने मारी पलटी

नई दिल्ली (सं.सू.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज अपनी आदत के अनुसार फिर से आरोपों से पलटी मारी है, उनके ऊपर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था, आज उस मामले पर सुनवाई होनी थी लेकिन केजरीवाल अपने आरोपों से पलटी मार गए और सारा आरोप मीडिया के सर पर मढ़ते हुए कहा कि मेरी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया।

केजरीवाल के पलटी मारने के बाद ही ट्विटर पर ‘डरपोक केजरीवाल’ ट्रेंड करने लगा। लोगों ने केजरीवाल को डरपोक बताते हुए कहा कि केजरीवाल की आदत रही है, पहले वे दूसरों पर आरोप लगाते हैं, उसके बाद या तो माफी मांग लेते हैं, या तो जमानत देकर जेल जाने से बच जाते हैं या अपने आरोपों से पलटी मार लेते हैं।

ट्विट में से कुछ उदाहरणस्वरूप पेश है-

    पूरे विश्व में ये शोर है @ArvindKejriwal डरपोक है।#CowardKejriwal

    — Abhishek Kulshrestha (@abhishekvhp23) July 12, 2016

    Kejriji says he ddnt misquoted or say anythng agnst Jetliji..Jst d way he ddnt accused Gadkarji b4.U-Turn hai sadaa k liye.! #CowardKejriwal

    — Payal Choksi (@payal_choksi) July 12, 2016

    U-Turn King @ArvindKejriwal Folds Hands Says Sorry @arunjaitley 4 Using Defamatory Lang!
    Proves He’s Real Coward/Psy pic.twitter.com/1bflssFiPG

    — Mahaveer (@MahaveerM_) July 12, 2016

    पहले आरोप लगाओ
    खुद को सही बतादो
    खुद के खिलाफ केस हुआ
    तो बोल दो
    जज साहब मैंने तो कुछ बोला ही नहीं ! वाह

    — Narendra Modi Fan (@iSupportNamo) July 12, 2016

बीजेपी सांसद महेश गिरी भी केजरीवाल पर हमला करने से नहीं चूके, उन्होंने कहा आज केजरीवाल और उनके साथी आपियंस कह रहे हैं कि उन्होंने अरुण जेटली को कुछ भी नहीं कहा, उनकी बातों को मीडिया ने तोड़ मरोड़कर पेश किया, ये दोनों चीज एक साथ कैसे कर लेते हैं।

    Kejriwal&other AAPians claimed dat they never said anything & were misquoted by media. How is both possible at d same time?#CowardKejriwal

    — Maheish Girri (@MaheishGirri) July 12, 2016

Tuesday, July 12, 2016

कश्मीर की हिंसा को अमेरिका ने बताया भारत का अंदरूनी मामला

वाशिंगटन (सं.सू.)। कुख्यात आतंकी बुरहान वानी की मौत को लेकर घाटी में भड़की ¨हसा के बहाने कश्मीर मसले का फिर से अंतरराष्ट्रीयकरण करने में जुटे पाकिस्तान को करारा झटका लगा है। उसके सबसे बड़े सामरिक सहयोगी अमेरिका ने भी इस मामले में उसका साथ छोड़ दिया है। इस्लामाबाद को साफ संदेश देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला है। इसीलिए अमेरिका वहां जारी हिंसा के बारे में भारतीय अधिकारियों से कुछ नहीं कह रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी मंगलवार को दक्षिण सूडान पर प्रेसवार्ता के दौरान इस बारे में पूछे गए सवाल को कोई तवज्जो नहीं दी। इतना कुछ होने के बावजूद पाकिस्तान बेशर्मी से बाज नहीं आ रहा है। उसने सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों के राजदूतों से संपर्क साध कश्मीर को लेकर भारत की शिकायत की है। उनसे मानवाधिकार का सम्मान करने के लिए नई दिल्ली पर दबाव बनाने का आग्रह किया।

दरअसल पाकिस्तान चाहता है कि घाटी में जारी हिंसा के बहाने कश्मीर में जनमत संग्रह कराने की उसकी मांग को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिले। लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्रलय ने प्रेसवार्ता कर स्थिति स्पष्ट कर दी। पाकिस्तान को झटका देते हुए अमेरिका के साथ संयुक्त राष्ट्र ने भी कश्मीर मसले पर किसी भी किस्म का हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। दोनों ने घाटी में जारी हिंसा पर चिंता तो जरूर जताई, लेकिन इस बारे में भारत से कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं इसे भारत का आंतरिक मसला बताया। तो वहीँ अमेरिका ने कहा है कि वह घाटी में हिंसा की स्थिति से चिंतित है। उसने सभी पक्षों से मामले के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास करने के लिए कहा। बान की मून ने तो प्रेसवार्ता में कश्मीर पर कुछ भी कहने से परहेज किया। बाद में उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने औपचारिकता निभाने के लिए बयान जारी कर हिंसा रोकने की खातिर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।