Sunday, April 3, 2016

वाराणसी में कैदियों ने की जेल के अफसरों की पिटाई

वाराणसी (यूपी) (सं.सू.)। यहां की जिला जेल में शनिवार को कैदियों ने जमकर हंगामा किया। कैदियों को काबू करने के लिए पुलिस ने कई राउंड हवाई फायरिंग की। इस दौरान दोनों तरफ से पथराव और मारपीट हुई। हंगामे में जेलर और डिप्टी जेलर की पिटाई कर दी गई। इसमें डिप्टी जेलर गंभीर रूप से घायल हैं। मामला बढ़ने के बाद डिप्टी जेलर और जेल सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार की सुबह परेड के बाद कैदियों ने चौकाघाट स्थित जिला जेल में करप्शन और अवैध लेन-देन के विरोध में हंगामा शुरू किया। इसी दौरान निरीक्षण करने पहुंचे डिप्टी जेलर अजय कुमार राय की कैदियों ने क्रिकेट बैट से पिटाई कर दी। इससे उनके सि‍र में चोट आ गई। उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। उधर, कैदियों ने बैरक नं 13 व 14 के अंदर जेल सुपरिटेंडेंट आशीष तिवारी को बंधक बना लिया। जब जेलर विजय कुमार समझाने पहुंचे तो कैदियों ने उन्हें पीटकर भगा दिया।

इतने में चार दर्जन के ऊपर कैदी जो कोर्ट में पेशी के लिए गेट पर खड़े थे, उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। कैदियों का आरोप था कि उनसे सुविधाओं के नाम पर जबरदस्ती पैसा मांगा जाता है। कैदियों की मांग का एक लेटर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं, डीएम राजमणि यादव ने बताया कि कैदियों ने डिप्टी जेलर और जेल सुपरिटेंडेंट आशीष तिवारी के ट्रांसफर को लेकर बवाल किया है। उनका आरोप है कि उन लोगों का व्यवहार ठीक नहीं था।

यूपी में खाकी के तांडव से लोगों ने छोड़ा गांव, रेप के भी लगाए आरोप

एटा (सं.सू.)। उत्तर प्रदेश मे एटा के रजपुरा गांव में खाकी का कहर इस कदर टूट रहा है कि पूरा का पूरा गांव पुलिस के भय से पलायन कर गया है। पुलिस ने घरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की है और कई महिलाओं ने पुलिस और उसके साथ आए गुंडों पर छेड़खानी और बलात्कार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरे गांव में पसरा भययुक्त सन्नाटा पुलिसिया जुल्म की दास्तान खुद ब खुद बयां कर रहा है।

एटा के थाना नयागांव क्षेत्र रजपुरा गांव में पलायन से बचे रह गए कुछ उम्रदराज महिलाओं और पुरुषों के चेहरों पर खौफ की इबारत पुलिसिया जुल्म की दास्तान अपने आप बयां कर रही है। 15 अगस्त को जब सारा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा हुआ था, उसी दिन शाम को गांव में पुलिस का कहर टूटा। चोरी के एक आरोपी अजब सिंह को पकड़ने पहुंची थाना नयागांव पुलिस ने गांव में जो तांडव किया उससे गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव वालों ने न केवल पुलिस टीम को बंधक बना लिया वरन पुलिस पार्टी पर पथराव कर पुलिस जीप तोड़ डाली और पुलिसकर्मियों की रायफलें छीन ली।

उत्तर प्रदेश मे एटा के रजपुरा गांव में खाकी का कहर इस कदर टूट रहा है कि पूरा का पूरा गांव पुलिस के भय से पलायन कर गया है।

तीन पुलिसकर्मियों श्रीचन्द्र, मनोज और संजीव को हल्की चोटें भी आई। पुलिस ने भारतीय दंड विधान की धारा 147, 148, 149, 307, 336, 332, 353, 186, 504, 506 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत 16 नामजद और 40-50 अज्ञात ग्रामीण महिला-पुरुषों के खिलाफ नया गांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कर ली। गांव वालों का गुस्सा इस बात पर था कि पुलिस एक चोर को पकड़ने के लिए पूरे गांव को परेशान क्यों कर रही है। 16 अगस्त को एक दर्जन थानों की पुलिस और एक ट्रक पीएसी के साथ पुलिस ने रजपुरा गांव में धावा बोल दिया।

गांव के 150 से अधिक लोग पुलिस के भय से पलायन कर गए। घरों में महिलाएं, जवान लडकियां, बच्चे और बुजुर्ग ही बचे। पुलिस ने गांव में पहुंच कर जबरन घरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। चारपाई, कुर्सी, मेज, चारा काटने की मशीन, चूल्हे, बक्से, अलमारी, किवाड़ जो दिखा सब तोड़ डाले। कई जगह तो दीवार और छप्पर तक गिरा दिया। जिसने भी विरोध किया उसकी जमकर पिटाई की।

गांव की कई महिलाओं का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने गांव की बहन बेटियों के साथ जमकर छेड़खानी की। कई महिलाओं ने बलात्कार करने के संगीन आरोप लगाए हैं। एक महिला के गाल पर काटने का निशान साफ दिखाई दे रहा है। महिलाओं का कहना है कि पुलिस रोज ही गांव में आती है और तलाशी के नाम पर छेड़छाड़ करती है।

सहवाग ने धोनी से पूछा-अश्विन से क्यों नहीं कराई पूरी गेंदबाजी

नई दिल्ली (सं.सू.)। भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सेमी-फाइनल मैच के लिये महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर सवाल खड़ा किया है। स्पोर्ट्स साइट 'क्रिकबज' से बातचीत में सहवाग ने कहा कि महत्वपूर्ण मुकाबले में दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन से उनके कोटे के ओवर पूरे नहीं कराना आश्चर्यजनक है।

सहवाग ने कहा- 'मैं नहीं जानता कि अश्विन ने सिर्फ दो ही ओवर क्यों किये। जब जड़ेजा ने 48 और पांड्या ने 40 से ज्यादा रन दिये तो अश्विन से बचे ओवर कराए जा सकते थे। अश्विन हमारे मुख्य गेंदबाज हैं। इस मैच में धोनी ने उतनी अच्छी कप्तानी नहीं की।'

यूपी में NIA अफसर मोहम्मद तंजील की हत्या; हमलावरों ने मारी 24 गोलियां

बिजनौर (सं.सू.)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कस्बा सहसपुर के पास आज तड़के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी मोहम्मद तंजील की बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी। सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने NIA अधिकारी को 20-25 गोलियां मारी, पत्नी को 3 गोलियां लगी। कार चला रहे NIA अधिकारी के साथ आगे बैठीं उनकी पत्नी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गयीं। NIA ने इसे सुनियोजित हमला करार दिया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) भगवान स्वरूप ने कहा, ‘मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने तंजील अहमद की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब वह अपनी पत्नी फरजाना के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद लौट रहे थे।’ यह घटना बीती मध्य रात्रि के बाद 12 बजकर 45 मिनट पर तब हुई जब तंजील अहमद समारोह में शामिल होने के बाद सहसपुर लौट रहे थे। वह बीएसएफ में सहायक कमांडेंट थे और वर्तमान में एनआईए में प्रतिनियुक्ति पर थे।

नयी दिल्ली में एनआईए महानिरीक्षक संजीव कुमार ने इस हमले को एक सुनियोजित हमला करार दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारे अधिकारियों में से एक, अत्यंत बहादुर अधिकारी तंजील अहमद बीती रात एक समारोह में शामिल होने अपने घर गए थे। जब वह समारोह से वापस आ रहे थे तब उन पर सुनियोजित हमला किया गया और उन पर गोली चलाई गई।’ कुमार ने कहा, ‘वह (तंजील अहमद) गोलीबारी में मारे गए और उनकी पत्नी घायल हो गईं जिन्हें नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह (तंजील अहमद) बीएसएफ में सहायक कमांडेंट थे और एनआईए में प्रतिनियुक्ति पर थे।’ उन्होंने कहा कि अहमद ‘एनआईए में निरीक्षक थे, लेकिन बीएसएफ में सहायक कमांडेंट थे।’ कुमार ने कहा, ‘हत्या की जांच जारी है। अभी उत्तर प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश एटीएस, एनआईए, लखनऊ से एनआईए के डीआईजी और उनकी टीम, सभी घटनास्थल पर हैं।’

इस बीच, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने बताया कि राज्य की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है और हत्यारों को पकड़ने के लिये आस-पास के गांवों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एनआईए अधिकारी की हत्या को आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिये जाने की आशंका सम्बन्धी सवाल पर उन्होंने कहा, अभी यह कहना जल्दबाजी होगा। इस वक्त किसी भी चीज को न तो नकारा जा सकता है और न ही स्वीकारा जा सकता है। फिलहाल हम इसे एक हत्या के रूप में ही ले रहे हैं लेकिन मामले की हर नजरिये से जांच की जा रही है।’

उन्होंने कहा, ‘जिले में बहुत ही गंभीर घटना हुई है और हमने इसे गंभीरता से लिया है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है तथा असल में क्या हुआ, इसका ब्योरा जल्द ही आएगा।’ चौधरी ने कहा, ‘हम अभियुक्तों तथा इस हत्याकाण्ड के पीछे रहे मकसद के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीमें पहले से ही बिजनौर में हैं। हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हत्याकाण्ड में नौ एमएम की जिस पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ, वह देशी थी या विदेशी। यह निश्चित रूप से एक सुनियोजित हमला था।’

इस बीच, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने कहा कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) तथा आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के महानिरीक्षकों को बिजनौर भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘राज्य पुलिस एनआईए के अधिकारियों के साथ तालमेल से काम कर रही है। हम इसकी गहराई तक जाएंगे और हत्यारों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे।’

बिजनौर के एसएचओ राजकुमार ने कहा, ‘अधिकारी अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के बाद अपनी पत्नी के साथ लौट रहे थे। दो अज्ञात बाइक सवारों ने उनकी कार को रोका और उन्हें गोली मार दी। उन्हें पास के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।’ पुलिस ने बताया कि उनकी पत्नी हमले में बुरी तरह घायल हो गईं।

एक सवाल के जवाब में स्वरूप ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच से जुड़े थे या नहीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एनआईए बता सकती है कि वह पठानकोट हमले की जांच से जुड़े थे या नहीं।

कोलकाता फ्लाईओवर वाली कंपनी बना रही नई बिहार विधानसभा

पटना (सं.सू.)। जिस निर्माण कंपनी की देखरेख में कोलकाता में बन रहा फ्लाईओवर पिछले दिनों गिर गया था उसी निर्माण कंपनी द्वारा पटना में विधानसभा का नया भवन बनाया जा रहा है। यह महज संयोग है कि निर्माण के क्रम में एक बार निर्माणाधीन विधानसभा की छत भी गिर गयी थी। वर्तमान विधानसभा की कैंटीन के पीछे यह घटना हुई थी। हालांकि उक्त घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। भवन निर्माण विभाग के स्तर पर इसकी जांच भी हुई थी। आईवीआरसीएल नाम की यह कंपनी पिछले कई वर्षो से विधानसभा का निर्माण कार्य कर रही है।

नयी विधानसभा भवन के निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इसकी गुणवत्ता की पूरी तरह से जांच होती रही है। यहां तक कि डिजायन को लेकर भी कई स्तर पर विमर्श हुआ है। निर्माण के क्रम में लिफ्ट की जगह को लेकर काम बाधित हुआ था। बाद में कुछ परिवर्तन के साथ काम आगे बढ़ा। भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा के नये भवन के निर्माण में विलंब जरूर हुआ है पर गुणवत्ता को लेकर किसी तरह का संशय नहीं है। मालूम हो कि विगत छह वर्षो से निर्माण कार्य चल रहा है। वैसे यह कंपनी पटना में एक और बड़ी सरकारी इमारत बना रही है।

भवन निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा के नए भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। रंग रोगन के बाद इसके उद्घाटन की तारीख तय किए जाने पर विमर्श हो रहा है।

Saturday, April 2, 2016

देसी शराब के बाद अब बिहार में ताड़ी बेचने पर प्रतिबंध

पटना (सं.सू.)। राज्य में देसी शराब की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के बाद अब ताड़ी की ब्रिकी पर रोक लगा दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर ताड़ी बेचने वालों को जेल की हवा खानी पड़ेगी। हालांकि, अगर कोई पेड़ से उतारकर खुद ताड़ी पीता है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गांवों में पूर्ण शराबबंदी की नीति पर अमल करने के लिए शनिवार को उत्पाद एवं मद्य निषेद विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने राज्य के सभी उत्पाद अधीक्षक, सहायक उत्पाद अधीक्षक और उप उत्पाद आयुक्त के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग की। अधिनियम के आधार पर कहा कि राज्य सरकार ने ताड़ी पर टैक्स में छूट व्यक्तिगत खपत के लिए दी थी। उक्त अधिनियम में यह स्पष्ट प्रावधान है कि सार्वजनिक स्थान पर दुकान लगाकर ताड़ी की बिक्री न की जाए।

महुआ फल से देसी व मसालेदार शराब बनाने की संभावनाओं के मद्देनजर प्रधान सचिव ने कहा कि सरकार ने यह नियम बनाया है कि पांच किलो से अधिक किसी के पास यह नहीं रहे। किसी के घर से अगर पांच किलो से अधिक महुआ फल बरामद हुआ तो उसे भी जेल जाना होगा।

लोगों ने शराब के विकल्प के रूप में ताड़ी का सेवन शुरू कर दिया था। कई जिलों से सरकार को सूचना मिली की अचानक ताड़ी की खपत बढ़ गई और ग्रामीण इलाकों में ताड़ीखाने मयखाने का रूप धारण करने लगे हैं। सूचना यह भी पहुंची कि ताड़ी में नशीली दवाओं के मिश्रण के अलावा अवैध शराब भी मिलाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई की है।

'भारत माता की जय' बोलना मुसलमानों के लिए ठीक नहीं-दारुल उलूम

नई दिल्ली (सं.सू.)। भारत माता की जय को लेकर चल रही बहस जैसे ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही। अब दारुल उलूम के मुफ़्तियों का नया फतवा सामने आया है जिसके मुताबिक ये कहा जा रहा है कि भारत माता की जय बोलना उनके लिए उचित नहीं है।

हालांकि दारुल उलूम से चले ऐसे फतवे पर इस्लामी दुनिया में ही सवाल खड़े होने लगे हैं। पहले भी जब असदुद्दीन ओवैसी ने बयान दिया था तब जावेद अख़्तर और कई दूसरे लोग उसके ख़िलाफ़ खड़े हो गए थे। इस बार भी इस फतवे पर सवाल उठ रहे हैं। दारुल उलूम का कहना है, ये नारा उनके लिए जायज़ नहीं है। हालांकि उनका साफ़ कहना है कि वो एक मज़बूत भारत और भारतीयता के हिमायती हैं।

आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने हाल ही में कहा था कि "भारत माता की जय" नारा किसी पर थोपा नहीं जा सकता। पिछले दिनों ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने कह दिया था कि वह आरएसएस के कहने से कभी भारत माता की जय नहीं बोलेंगे।