नई दिल्ली (सं.सू.)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि देश
में हर रोज करीब 1,400 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 400 लोग मारे
जाते हैं। इनमें 77 फीसदी घटनाओं के लिए चालक जिम्मेदार होते हैं। सड़क
परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय की ‘भारत में सड़क दुर्घटना -2015’ नाम से
जारी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। गडकरी ने कहा, यह चिंता का विषय है कि
दुनिया में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। स्वीडन में पिछले
वर्ष महज एक सड़क दुर्घटना हुई थी। जबकि भारत में पांच लाख सड़क हादसे हुए।
उन्होंने कहा कि इन दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत तक सुधार लाया जा सकता है। सरकार इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गडकरी ने दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक से सस्ते और हल्के हेलमेट बनाने का विशेषज्ञों से आग्रह किया है। गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि के लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस को भी एक कारण बताया और कहा कि देश में 30 प्रतिशत लाइसेंस फर्जी बन रहे हैं। इन पर लगाम कसना आवश्यक है। इसके लिए कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
बोलते आंकड़े
23,468 सड़क हादसे हुए मुंबई में सबसे अधिक
1622 मौतें हुईं दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में
एक तिहाई मामले दुपहिया वाहनों से
रिपोर्ट के अनुसार पांच लाख सड़क हादसों में एक तिहाई मामले दुपहिया वाहनों से जुड़े हुए थे। सूची में कर्नाटक,मध्य प्रदेश,केरल,महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, यूपी, तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़ भी हैं।
15-24 आयु वर्ग के थे हादसे में मरने वालों में 33 फीसदी
77,116 हादसे हुए ओवरलोड वाहनों के कारण
28.4 फीसदी हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर
तेज रफ्तार से 62.2 फीसदी हादसे
62.2 फीसदी सड़क हादसे तय सीमा से अधिक या बहुत अधिक गति से वाहन चलाने के कारण हुई। सबसे अधिक 61 फीसदी मौतें भी इसी कारण से हुईं। 4.2 फीसदी हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने से हुए।
उन्होंने कहा कि इन दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत तक सुधार लाया जा सकता है। सरकार इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गडकरी ने दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक से सस्ते और हल्के हेलमेट बनाने का विशेषज्ञों से आग्रह किया है। गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि के लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस को भी एक कारण बताया और कहा कि देश में 30 प्रतिशत लाइसेंस फर्जी बन रहे हैं। इन पर लगाम कसना आवश्यक है। इसके लिए कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
बोलते आंकड़े
23,468 सड़क हादसे हुए मुंबई में सबसे अधिक
1622 मौतें हुईं दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में
एक तिहाई मामले दुपहिया वाहनों से
रिपोर्ट के अनुसार पांच लाख सड़क हादसों में एक तिहाई मामले दुपहिया वाहनों से जुड़े हुए थे। सूची में कर्नाटक,मध्य प्रदेश,केरल,महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, यूपी, तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़ भी हैं।
15-24 आयु वर्ग के थे हादसे में मरने वालों में 33 फीसदी
77,116 हादसे हुए ओवरलोड वाहनों के कारण
28.4 फीसदी हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर
तेज रफ्तार से 62.2 फीसदी हादसे
62.2 फीसदी सड़क हादसे तय सीमा से अधिक या बहुत अधिक गति से वाहन चलाने के कारण हुई। सबसे अधिक 61 फीसदी मौतें भी इसी कारण से हुईं। 4.2 फीसदी हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने से हुए।

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