Thursday, June 9, 2016

मोदी मैजिक,30 से ज्यादा बार तालियां, 9 स्टैंडिंग ओवेशन,ऑटोग्राफ के लिए मची होड़

वॉशिंगटन (सं.सू.)। यूएस कांग्रेस के ज्वाइंट सेशन में नरेंद्र मोदी की स्पीच की जमकर तारीफ हुई। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में मोदी के आते ही अमेरिका सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। जब तक मोदी वहां मौजूद सांसदों से मिलते रहे, चार मिनट तक तालियां बजती रहीं। सोशल मीडिया पर यह ट्रेन्ड होने लगा कि मोदी की 48 मिनट की स्पीच के दौरान कैसे 30 से ज्यादा बार तालियां बजीं। कम से कम 9 बार उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया।
तीन ऐसे मौके भी आए जब अमेरिकी सांसदों ने ठहाके लगाए।  मोदी ने अमेरिका में मौजूद भारतीय मूल के लोगों और उनके टैलेंट की तारीफ की। उन्होंने कहा, ''दोनों देशों को 30 लाख इंडियन-अमेरिकन जोड़ते हैं। आपके बेस्ट सीईओ, एस्ट्रोनॉट्स, साइंटिस्ट, डॉक्टर्स और यहां तक कि स्पेलिंग बी कॉम्पीटिशन में भी भारतीय शामिल हैं। वे आपकी मजबूती तो हैं ही। लेकिन वे प्राइड ऑफ इंडिया भी हैं।''  उन्होंने कहा, ''भारत के हजारों साल पुराने योग को यूएस में 3 करोड़ लोग फॉलो करते हैं। अमेरिका के लोग कर्व बॉल थ्रो करने से ज्यादा योग के लिए अपने शरीर को मोड़ते हैं। ...और हमने अब तक योग पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट का दावा भी नहीं ठोंका है।'' तीसरी बार ठहाका तब लगा जब मोदी ने अपनी स्पीच में इशारों-इशारों में बताया कि राज्यसभा में कैसे एनडीए बहुमत में नहीं है कि उन्हें वहां सभी दलों की सुननी पड़ती है। मोदी ने कहा, ''मिस्टर स्पीकर! मुझे बताया गया है कि यहां कांग्रेस में वर्किंग सौहार्द्र तरीके से होती है। यह भी पता चला कि आप हर दल को मौके देते हैं। आप अकेले नहीं हैं। मैं भी समय-समय पर भारत की संसद में ऐसा करता हूं। ...खासतौर पर अपर हाउस (राज्यसभा) में। इस तरह हमारे-आपके तरीके एक जैसे हैं।''
मोदी के इस बयान पर सांसदों ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया। मोदी ने कहा, ''दो दिन पहले मैं आर्लिंगटन नेशनल सेमिटेरी गया था जहां इस महान देश के बहादुर लोगों के स्मारक हैं और उन्हें वहां श्रद्धांजलि दी जाती है।''  ''दुनियाभर में इंसानियत कायम रखने के लिए भारत आजादी की हिफाजत करने वाले और बहादुरों को पैदा करने वाले इस मुल्क की कुर्बानियों की तारीफ करता है।''
 शुरुआत में ही मोदी का अमेरिकी सांसदों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद जैसे ही उन्होंने अपनी स्पीच खत्म की अमेरिकी सांसदों में उनका ऑटोग्राफ लेने की होड़ लग गई।
पीएम की इन बातों पर खूब तालियाँ बजीं। मोदी ने कहा, ''मुझे न्योता मिलना इस महान देश की स्पिरिट को दिखाता है। अब्राहम लिंकन के शब्दों में इसे लिबर्टी कहा जाता है। वे कहते हैं कि हर इंसान एक समान है।'' ''इस मौके के जरिए आपने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और वहां रहने वाले सवा सौ करोड़ लोगों को सम्मानित किया है।'' ''यह मेरा सम्मान है कि मैं इस सबसे पुरानी संसद के सदस्यों को संबोधित करने आया हूं।''

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