लखनऊ (सं.सू.)। उत्तर प्रदेश के शामली में सांसद हुकुम सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे राजनीतिक भूचाल आ सकता है। यहां एक सूची जारी कर उन्होंने दावा किया है कि कैराना से 346 हिंदू परिवारों ने गुंडागर्दी के बाद पलायन किया है। सिंह ने कहा कि यहां गुंडागर्दी का आलम यह है कि ये हिंदू परिवार दिन-रात दहशत में जी रहे थे। बुधवार को नगरपालिका परिषद शामली के सभाकक्ष में पत्रकारों से वार्ता में कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने बताया कि पूर्व में उन्हें 250 हिंदू परिवारों के पलायन की जानकारी थी लेकिन उनके द्वारा लगातार इस मामले में काम किया गया और सुची तैयार की गई जिसके बाद यह बात सामने आई कि अबतक यहां से 346 हिंदू परिवारों का पलायन हो चुका है।
हुकुम सिंह ने कहा कि कैराना के हालात पहले ऐसे नहीं थे, लेकिन जब से प्रदेश में सपा सरकार ने कमान संभाली है तब से गुंडागर्दी आलम चरम पर है। बदमाशों ने कैराना में रंगदारी न देने पर व्यापारियों की हत्या की साथ ही उनसे लूटपाट भी की। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना के आसपास के गांवों में बहू बेटियों की इज्जत भी सुरक्षित नहीं रह गई है। इसका नतीजा है कि बीते तीन साल के भीतर ही कैराना से बड़े पैमाने पर लोगों ने पलायन का रुख अपनाया है।
सिंह ने कहा पलायन करने वालों में अधिकांश ऐसे व्यापारी हैं, जिनका कारोबार यहां अच्छा चल रहा था। बदमाशों ने उनसे रंगदारी मांगी जिसे देने में वे असमर्थ थे। व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई, मगर पुलिस प्रशासन आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने में नाकाम रही जिसके वजह से व्यापारियों ने पलायन जैसा कठोर कदम उठाया। एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि पलायन का मुद्दा कोई चुनावी नहीं है, यह क्षेत्र के लोगों का दर्द है।
आपको बता दें कि 2017 में सूबे में चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव के पहले सभी पार्टियों ने कमर कस ली है और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर यहां चल रहा है।
हुकुम सिंह ने कहा कि कैराना के हालात पहले ऐसे नहीं थे, लेकिन जब से प्रदेश में सपा सरकार ने कमान संभाली है तब से गुंडागर्दी आलम चरम पर है। बदमाशों ने कैराना में रंगदारी न देने पर व्यापारियों की हत्या की साथ ही उनसे लूटपाट भी की। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना के आसपास के गांवों में बहू बेटियों की इज्जत भी सुरक्षित नहीं रह गई है। इसका नतीजा है कि बीते तीन साल के भीतर ही कैराना से बड़े पैमाने पर लोगों ने पलायन का रुख अपनाया है।
सिंह ने कहा पलायन करने वालों में अधिकांश ऐसे व्यापारी हैं, जिनका कारोबार यहां अच्छा चल रहा था। बदमाशों ने उनसे रंगदारी मांगी जिसे देने में वे असमर्थ थे। व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई, मगर पुलिस प्रशासन आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने में नाकाम रही जिसके वजह से व्यापारियों ने पलायन जैसा कठोर कदम उठाया। एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि पलायन का मुद्दा कोई चुनावी नहीं है, यह क्षेत्र के लोगों का दर्द है।
आपको बता दें कि 2017 में सूबे में चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव के पहले सभी पार्टियों ने कमर कस ली है और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर यहां चल रहा है।


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