पटना (सं.सू)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को इंटर साइंस के
टॉपर सौरभ श्रेष्ठ और थर्ड टॉपर राहुल कुमार के रिजल्ट को रद्द कर दिया
है। इसके साथ ही वीआर कॉलेज, कीरतपुर, भगवानपुर, वैशाली की मान्यता को भी
तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं आर्ट्स की टॉपर रूबी राय को
एक सप्ताह का समय दिया गया है। बिहार बोर्ड के इतिहास में यह पहला मौका
है जब किसी टॉपर का रिजल्ट ही रद्द कर दिया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा
समिति के अध्यक्ष प्रो। लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने शनिवार को प्रेस
कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि विषय विशेषज्ञों के सामने अपनी योग्यता को रखने के लिए बुलाया गये साइंस व आर्टस के 13 टॉपरों में 11 योग्य पाये गये। बाकी दो टॉपर सौरभ श्रेष्ठ और राहुल कुमार को विशेषज्ञों ने अप टू मार्क्स के नीचे बताया। इस कारण इन दोनों ही टॉपर के रिजल्ट को रद्द कर दिया गया है। ज्ञात हो कि सौरभ श्रेष्ठ और राहुल राय वीआर कॉलेज, कीरतपुर, वैशाली के ही छात्र हैं।
तमाम टॉपर्स की योग्यता की जांच शुक्रवार को 3।30 बजे से शुरू हुई जो रात के 11 बजे तक चली। टॉपर्स की योग्यता की जांच के लिए पटना विवि और मगध विवि के 11 विशेषज्ञों को बुलाया गया था। आठ घंटे तक टॉपर्स की लिखित और मौखिक परीक्षा ली गयी। इसके बाद शुक्रवार को ही देर रात विशेषज्ञों ने टॉपर्स की रिपोर्ट बना कर बोर्ड के कदाचार जांच समिति को सौंप दी। जांच समिति ने रिपोर्ट का अध्ययन कर शनिवार को समिति के अध्यक्ष प्रो। लालकेश्वर प्रसाद सिंह को रिपोर्ट सौंपी।
टॉपर्स की योग्यता, वीआर कॉलेज की रिजल्ट धांधली और बोर्ड परीक्षा सिस्टम में गड़बड़ी प्रकरण की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से किया गया है। इस समिति का गठन उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में होगा। तीन सदस्यीय कमेटी में दो सदस्य के रूप में एक सदस्य सेवानिवृत्त आइएएस या आइपीएस और दूसरे सदस्य शिक्षाविद् या पूर्व कुलपति को शामिल किया जायेगा।
बोर्ड अध्यक्ष प्रो। लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि योग्यता साबित करने के लिए 14 टॉपरों को बुलाया गया था। लेकिन आर्ट्स की टॉपर रूबी राय 3 जून को बोर्ड में उपस्थित नहीं हुई। इसके लिए उन्होंने एक आवेदन दिया है। आवेदन में डिप्रेशन में होने की वजह बतायी गयी है। इस कारण वीआर कॉलेज, कीरतपुर, वैशाली की छात्रा रूबी राय को 11 जून तक का समय दिया गया है। अगर 11 जून तो रूबी राय उपस्थित नहीं होंगी तो रूबी राय का भी रिजल्ट रद्द किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि विषय विशेषज्ञों के सामने अपनी योग्यता को रखने के लिए बुलाया गये साइंस व आर्टस के 13 टॉपरों में 11 योग्य पाये गये। बाकी दो टॉपर सौरभ श्रेष्ठ और राहुल कुमार को विशेषज्ञों ने अप टू मार्क्स के नीचे बताया। इस कारण इन दोनों ही टॉपर के रिजल्ट को रद्द कर दिया गया है। ज्ञात हो कि सौरभ श्रेष्ठ और राहुल राय वीआर कॉलेज, कीरतपुर, वैशाली के ही छात्र हैं।
तमाम टॉपर्स की योग्यता की जांच शुक्रवार को 3।30 बजे से शुरू हुई जो रात के 11 बजे तक चली। टॉपर्स की योग्यता की जांच के लिए पटना विवि और मगध विवि के 11 विशेषज्ञों को बुलाया गया था। आठ घंटे तक टॉपर्स की लिखित और मौखिक परीक्षा ली गयी। इसके बाद शुक्रवार को ही देर रात विशेषज्ञों ने टॉपर्स की रिपोर्ट बना कर बोर्ड के कदाचार जांच समिति को सौंप दी। जांच समिति ने रिपोर्ट का अध्ययन कर शनिवार को समिति के अध्यक्ष प्रो। लालकेश्वर प्रसाद सिंह को रिपोर्ट सौंपी।
टॉपर्स की योग्यता, वीआर कॉलेज की रिजल्ट धांधली और बोर्ड परीक्षा सिस्टम में गड़बड़ी प्रकरण की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से किया गया है। इस समिति का गठन उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में होगा। तीन सदस्यीय कमेटी में दो सदस्य के रूप में एक सदस्य सेवानिवृत्त आइएएस या आइपीएस और दूसरे सदस्य शिक्षाविद् या पूर्व कुलपति को शामिल किया जायेगा।
बोर्ड अध्यक्ष प्रो। लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि योग्यता साबित करने के लिए 14 टॉपरों को बुलाया गया था। लेकिन आर्ट्स की टॉपर रूबी राय 3 जून को बोर्ड में उपस्थित नहीं हुई। इसके लिए उन्होंने एक आवेदन दिया है। आवेदन में डिप्रेशन में होने की वजह बतायी गयी है। इस कारण वीआर कॉलेज, कीरतपुर, वैशाली की छात्रा रूबी राय को 11 जून तक का समय दिया गया है। अगर 11 जून तो रूबी राय उपस्थित नहीं होंगी तो रूबी राय का भी रिजल्ट रद्द किया जा सकता है।

No comments:
Post a Comment