पटना (सं.सू.)। मेरिट घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए बनी एसआइटी की
कारस्तानी ने राजधानी पुलिस की छवि पर दाग लगा दिया है। महज एक कॉल पर
पुलिस ने बिहार बोर्ड के बड़े शिक्षा घोटाले के मुख्य आरोपी अमित कुमार
उर्फ बच्चा राय को गिरफ्त से छोड़ दिया। एसआइटी के एक वरीय अधिकारी ने
अनौपचारिक रूप से इसकी पुष्टि की है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक घोटाले
के कथित किंगपिन हाजीपुर के विशुन राय कॉलेज के प्राचार्य सह संचालक अमित
कुमार उर्फ बच्चा राय से पूछताछ के लिए पटना पुलिस के एक अधिकारी के
नेतृत्व में टीम ने मंगलवार की शाम उसके घर पर दबिश दी थी। पटना पुलिस की
दो गाड़ियों के अलावा वैशाली की पुलिस दो गाड़ियां पहुंची थीं। बच्चा राय
को पुलिस ने गिरफ्त में लिया और जीप पर बैठा दिया।
इस बीच उसने एक बड़े राजनेता के सचिव को मोबाइल से कॉल की, फिर पुलिस अधिकारी से बात कराई। सचिव के कहने पर पुलिस ने उसे दस मिनट के लिए घर जाकर कागजात लाने की मोहलत दी, लेकिन बच्चा घर से बाहर नहीं आया। वह पिछले दरवाजे से फरार हो गया। काफी देर तक घर से न निकलने पर हड़कंप मच गया। पटना पुलिस के अधिकारी ने इसकी जानकारी आला अफसरों को दी, जिसके बाद उन्हें जमकर झाड़-फटकार लगी, लेकिन विभागीय चूक होने के कारण मामले को दबा दिया गया। यही कारण रहा कि बुधवार को बच्चा के मुजफ्फरपुर व अन्य शहरों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई। बच्चा के घर और संभावित ठिकानों के आसपास सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
इस बीच उसने एक बड़े राजनेता के सचिव को मोबाइल से कॉल की, फिर पुलिस अधिकारी से बात कराई। सचिव के कहने पर पुलिस ने उसे दस मिनट के लिए घर जाकर कागजात लाने की मोहलत दी, लेकिन बच्चा घर से बाहर नहीं आया। वह पिछले दरवाजे से फरार हो गया। काफी देर तक घर से न निकलने पर हड़कंप मच गया। पटना पुलिस के अधिकारी ने इसकी जानकारी आला अफसरों को दी, जिसके बाद उन्हें जमकर झाड़-फटकार लगी, लेकिन विभागीय चूक होने के कारण मामले को दबा दिया गया। यही कारण रहा कि बुधवार को बच्चा के मुजफ्फरपुर व अन्य शहरों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई। बच्चा के घर और संभावित ठिकानों के आसपास सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

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