Wednesday, June 8, 2016

अमेरिकी संसद में पीएम मोदी-आतंकवाद का गढ़ भारत के पड़ोस में, बंद करनी होगी मदद

वाशिंगटन (सं.सू.)।  वाशिंगटन दौरे के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को कैपिटल हिल पहुंचे।  उन्होंने अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।  कैपिटल हिल में स्पीकर पॉल रेयान ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया।  पीएम मोदी ने इससे पहले दिन भर विभिन्न कार्यक्रमों को संबोधित किया।
अमेरिकी संसद में पीएम मोदी का तालियों से जोरदार स्वागत हुआ।  श्री मोदी ने भाषण शुरू करते हुए कहा कि अमेरिकी संसद में बोलने का मौका मिलना सौभाग्य की बात है। पीएम मोदी बोले- एक लोकतंत्र से दूसरे लोकतंत्र को ताकत मिलती है। पीएम मोदी ने कहा- अमेरिका वीरों का देश है।  अमेरिका और भारत के बीच गहरा रिश्ता है। आजादी के बंधन से दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हैं। पीएम मोदी बोले- मेरा स्वागत 125 करोड़ भारतीयों का स्वागत है।  सभी नागरिक समान हैं, यह अमेरिका की मूल भावना है। अमेरिकी लोकतंत्र पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। लोकतंत्र में भरोसा भारत और अमेरिका को जोड़ता है।
श्री मोदी ने कहा कि हमारे संविधान में सबको बराबरी का अधि‍कार है। अभि‍व्यक्ति की आजादी हमारा मूल अधि‍कार है। जाति-धर्म में अनेकता के बावजूद भारत एक है। विवेकानंद ने मानवता पर शि‍कागो में भाषण दिया था। गांधी ने मा‍र्टिन लूथर किंग को प्रेरणा दी।  अंबेडकर ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कई साल बिताए।  उन्होंने अमेरिकी संविधान का गहराई से अध्ययन किया। श्री मोदी ने कहा कि योग भारत और अमेरिका को जोड़ता है। रोजाना ३ करोड़ अमेरिकी योग करते हैं।
 श्री मोदी ने कहा कि ओबामा ने हमारे रिश्तों को नया आयाम दिया है। जरूरी समय में मदद के लिए धन्यवाद। मुंबई हमलों के दौरान मदद के लिए शुक्रिया। श्री मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि भारत के संसद में इस तरह का सौहार्दपूर्ण माहौल कभी-कभी होता है।
विज्ञान और तकनीक में दोनों देशों के बीच बेहतर समझौता।
श्री मोदी ने कहा कि अमेरिका के साथ रक्षा समझौते में बढ़ोतरी हुई है।  रक्षा सौदा शून्य से 10 मिलियन डॉलर तक पहुंचा है।
श्री मोदी ने भाषण के दौरान पूर्व पीएम वाजपेयी को याद किया। पीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में भारतीय अमेरिका में मौजूद हैं।  स्पेलिंग बी प्रति‍योगिता में भी विजेता भारतीय मूल का है। विज्ञान और तकनीक में दोनों देशों के बीच बेहतर समझौता किया गया है। अमेरिका की ताकत हमारे लिए गर्व की बात है।  हमने अमेरिका के 25 राज्यों की यात्रा की। भारत में सामाजिक-आर्थ‍िक बदलाव का दौर है।  आजादी की 75वीं सालगिरह पर काम करने की मेरी लिस्ट लंबी है। 100 स्मार्ट सिटी बनाने की योजना है। एक अरब लोगों को ब्रॉडबैंड की सुविधा देनी है। 2022 तक भारत को आर्थि‍क रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
भारत के हर क्षेत्र में अमेरिका की भागीदारी है। अमेरिका की सामरिक रणनीति भारत के लिए अहम है। हमें नई चुनौतियों की जिम्मेदारी लेनी होगी। दोनों देशों का जुड़ना जरूरी, अलग रहने से बात नहीं बनेगी। हिंद महासागर में भारत अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। एशि‍या से अफ्रीका तक भारत शांति चाहता है । अफगानिस्तान में अमेरिका की भूमिका तारीफ के काबिल है । आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा है। भारत प्रत्येक क्षेत्र में अमेरिका का आदर्श पार्टनर है । भारत का 7.6% विकास दर दुनिया के लिए अवसर है। भारत अमेरिकी कंपनियों की पसंदीदा जगह है।  भारत-अमेरिका के शानदार दिगाम नए मौके पैदा कर रहे हैं। साइबर आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। भारत की पश्चिमी सीमा से अफ्रीका तक आतंकवाद के कई नाम हैं। आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को कड़ा संदेश देना होगा।  आतंकवाद से लड़ने के नाम पर मिलनेवाली मदद बंद करनी होगी। आतंकवाद का एक सुर में विरोध करना होगा। आतंकवाद का गढ़ भारत के पड़ोस में है। आतंकवाद कहीं लश्कर तो कहीं ISIS के नाम से चल रहा है। आतंकवाद का खात्मा हर हाल में जरूरी है। आतंकवाद को धर्म से अलग करना होगा। यूएन शांति सेना में भारत का बड़ा योगदान रहा है।
सोलर एनर्जी के लिए अमेरिकी मदद जरूरी है। हम बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं । लंबे भविष्य के लिए हमें जुड़ना होगा। हमारे रिश्तों को नई नजर और संभावनाओं से देखना होगा।
कैपिटल हिल में स्पीकर पॉल रेयान ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया। पीएम मोदी से पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह अमेरिकी संसद को संबोधित कर चुके हैं।
पीएम मोदी अमेरिकी संसद को संबोधित करने वाले छठे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पिछली बार 2005 में मनमोहन सिंह यहां आए थे। वहीं, 1949 में पहली बार पंडित नेहरू ने यहां भाषण दिया था।
​इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा मंगलवार को व्हाइट हाउस में दो घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की। बैठक के दौरान होने वाले भोज में उप राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल हुए।

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