पटना (सं.सू.)। बिहार की धरती के महान सपूत स्व। डॉ राजेन्द्र प्रसाद किसी
परिचय के मोहताज नहीं है। उनकी ईमानदारी, निष्ठा और देश भक्ति आज भी एक
मिशाल है। पूर्व राष्ट्रपति का निधन 1963 में हो चुका है पर आज भी उनके
बैंक एकाउन्ट का संचालन निर्बाध रूप से जारी है।
राजधानी पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित पंजाब नेश्नल बैंक शाखा में 24-10-1962 को डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने अपना एकाउंट खुलवाया था। उस समय पूर्व राष्ट्रपति का बैंक एकाउंट संख्या 3068 था। दिल्ली से राष्ट्रपति के रूप कार्यकाल पूरी करने के बाद डॉ राजेन्द्र प्रसाद पटना पहुंचे थे और पैसों के लेनदेन के लिये पीएनबी में खाता खुलवाया था।
1963 में डॉ राजेन्द्र प्रसाद का निधन हो गया है और तब से उनके एकाउन्ट बन्द करवाने के लिये परिजनों की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है। लम्बे समय तक बैंक खाते में लेन देन नहीं होने की स्थिति में खातों को बैंक द्वारा फ्रिज कर दिया जाता है पर पूर्व राष्ट्रपति के खाते का संचालन जारी है।
पीएनबी के सीनियर मैनेजर संजय कुमार बताते है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी का खाता उनके चाहने वालों के प्रयास से चल रहा है। बराबर अन्तराल पर लोग कुछ न कुछ पैसा लोग खाता में डालते रहते हैं।
हाल के दिनों में पूर्व राष्ट्रपति के खाते में सात हजार से भी अधिक रुपये थे। कोई दावेदार नहीं होने की स्थिति में बैंक ने पैसों को शिक्षा के विकास के लिये बनाये गये फंड में ट्रांस्फर कर दिया। शिक्षा के विकास के लिये एक फंड बनाया गया है उसी खाते में पैसों को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
खातों के ट्रॉजेंक्शन से साफ जाहिर होता है कि पूर्व राष्ट्रपति के खाते में लाखों रूपये नहीं रहे हैं। आज की तारीख में भी खाते को बन्द नहीं किया गया है और पूर्व राष्ट्रपति जी का खाता संख्या 0380000100030687 इतना है।
राजधानी पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित पंजाब नेश्नल बैंक शाखा में 24-10-1962 को डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने अपना एकाउंट खुलवाया था। उस समय पूर्व राष्ट्रपति का बैंक एकाउंट संख्या 3068 था। दिल्ली से राष्ट्रपति के रूप कार्यकाल पूरी करने के बाद डॉ राजेन्द्र प्रसाद पटना पहुंचे थे और पैसों के लेनदेन के लिये पीएनबी में खाता खुलवाया था।
1963 में डॉ राजेन्द्र प्रसाद का निधन हो गया है और तब से उनके एकाउन्ट बन्द करवाने के लिये परिजनों की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है। लम्बे समय तक बैंक खाते में लेन देन नहीं होने की स्थिति में खातों को बैंक द्वारा फ्रिज कर दिया जाता है पर पूर्व राष्ट्रपति के खाते का संचालन जारी है।
पीएनबी के सीनियर मैनेजर संजय कुमार बताते है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी का खाता उनके चाहने वालों के प्रयास से चल रहा है। बराबर अन्तराल पर लोग कुछ न कुछ पैसा लोग खाता में डालते रहते हैं।
हाल के दिनों में पूर्व राष्ट्रपति के खाते में सात हजार से भी अधिक रुपये थे। कोई दावेदार नहीं होने की स्थिति में बैंक ने पैसों को शिक्षा के विकास के लिये बनाये गये फंड में ट्रांस्फर कर दिया। शिक्षा के विकास के लिये एक फंड बनाया गया है उसी खाते में पैसों को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
खातों के ट्रॉजेंक्शन से साफ जाहिर होता है कि पूर्व राष्ट्रपति के खाते में लाखों रूपये नहीं रहे हैं। आज की तारीख में भी खाते को बन्द नहीं किया गया है और पूर्व राष्ट्रपति जी का खाता संख्या 0380000100030687 इतना है।

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