देहरादून (सं.सू.)। उत्तराखंड में पिछले पौने दो महीने से चली आ रही राजनीतिक उठापटक और कानूनी दांवपेचों के बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत को 34 वोट पड़े हैं जबकि भाजपा के पक्ष में मात्र 28 वोट पड़े हैं। शक्ति परीक्षण का परिणाम कल सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा। शक्ति परीक्षण के दौरान विधानसभा के अंदर किसी भी विधायक को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
इससे पहले शक्ति परीक्षण के पहले कांग्रेस विधायक रेखा आर्य ने पार्टी से बगावत कर दी। वह आज सुबह उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष से मिलीं हैं और भाजपा विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचीं। फ्लोर टेस्ट के पहले बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि भाजपा के साथ कोई डील नहीं हुई है। हम कांग्रेस को अपना समर्थन दे रहे हैं।
आज सुबह रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भगवान केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ सब हमारे साथ हैं। जनता हमारे साथ हैं। सब एकजुट हैं जो हमको सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का कुछ भी दावा हो पर उत्तराखंड की जीत होगी।
शक्ति परीक्षण के बाद भाजपा विधायक तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हाथ उठाकर वोटिंग की प्रक्रिया हुई। परिणाम लिफाफे में बंद हो चुका है जिसे कल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में खोला जाएगा। वहीं भाजपा विधायक गणेश जोशी ने कहा कि भाजपा सैद्धांतिक रुप से विजयी हुई है लेकिन हम आंकड़ों के खेल में पीछे रह गए हैं। कांग्रेस ने धन-बल का प्रयोग किया है। यही कारण है कि सदन के अंदर आंकडों के खेल में हम पिछड़ गए हैं। हमने धन-बल का प्रयोग नहीं किया यदि हम प्रयोग करते तो हमारी जीत हो सकती थी।
शक्ति परीक्षण के बाद हरीश रावत ने कहा कि निष्कर्ष लिफाफे में बंद है जिसकी घोषणा कल सुप्रीम कोर्ट करेगा। हम कोर्ट का सम्मान करते हैं। विधानसभा से निकलते समय कांग्रेस विधायकों वे विक्ट्री का साईन बनाया जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शक्ति परीक्षण के दौरान रावत को जीत मिल चुकी है। जीत की मुस्कान कांग्रेस विधायकों के चेहरे पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
क्या है मामला
18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर मत विभाजन की भाजपा की मांग का कांग्रेस के नौ विधायकों ने समर्थन किया था, जिसके बाद राज्य में सियासी तूफान पैदा हो गया और उसकी परिणिति 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन के रूप में हुई थी।
संसद में गूंजा था मामला
उत्तराखंड मसला सोमवार को लोकसभा में उठा। कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन का अनैतिक करार देते हुए कहा कि राज्य में लोकतंत्र की हत्या की गयी है। वहीं भाजपा ने कहा कि सबसे अधिक बार संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करनेवाली कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। लोकसभा ने उत्तराखंड का बजट पारित कर दिया।
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा में 10 मई को शक्ति परीक्षण का आदेश देते हुए कहा था कि विशेष रूप से आहूत दो घंटे के सत्र के दौरान राष्ट्रपति शासन लागू नहीं रहेगा। पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक विधानसभा सत्र का आयोजन शक्ति परीक्षण के ‘एकमात्र एजेंडे’ के लिए होगा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रधान सचिव जय देव सिंह को उत्तराखंड विधानसभा में मंगलवार को होनेवाले फ्लोर टेस्ट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। देहरादून में धारा 144 लागू कर दी गयी है। विधानसभा में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर रोक था।
नौ बागी विधायक वोट नहीं दे पाये
शक्ति परीक्षण में कांग्रेस के नौ बागी विधायक वोट नहीं दे पाये, क्योंकि सोमवार को ही पहले हाइकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी। फ्लोर टेस्ट के नतीजे सार्वजनिक नहीं किये जायेंगे। इसे सुप्रीम कोर्ट में को सुनवाई के दौरान पेश किया जायेगा।
उत्तराखंड का फैसला लिफाफे में बद, कांग्रेस का दावा- मिले 33 वोट
Published: Tue, 10 May 2016 07:36 AM (IST) | Updated: Tue, 10 May 2016 01:11 PM (IST)
By: Editorial Team
0
संबंधित खबरें
उत्तराखंड में 10 मई को शक्ति परीक्षण, कांग्रेस के बागी नहीं कर सकेंगे वोट
कांग्रेस के बागी विधायकों की याचिका हाई कोर्ट में खारिज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
फ्लोर टेस्ट से पहले आया एक और स्टिंग, बढ़ी हरीश रावत की मुश्किलें
SC का सवाल, 'उत्तराखंड में क्यों न हो कोर्ट की निगरानी में फ्लोर टेस्ट?'
शक्ति परीक्षण की ओर बढ़ रहा उत्तराखंड, अंतिम फैसला आज संभव
नैनीताल/ नई दिल्ली। उत्तराखंड में सत्ता कौन संभालेगा इसका फैसला हो चुका है। मंगलवार दाेपहर को सभी विधायक विधानसभा में एकत्रित हुए और बहुमत के लिए मतदान किया। मतदान के बाद मिल रही खबरों के अनुसार हरीश रावत ने अपना बहुमत साबित कर दिया है और वो ही सरकार बनाएंगे। सूत्रों के अनुसार भाजपा को केवल 28 वोट ही मिल पाए हैं जबकि हरीश रावत को 33 वोट मिले हैं।
हालांकि फिलहाल जो नतीजे हैं वो बाहर नहीं आ पाए हैं और नतीजों को पहले सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। शक्ति परीक्षण से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। वहीं कांग्रेस विधायक रेखा आर्य भाजपा के पाले में बैठ गई थी।
बहुमत परीक्षण के बाद बाहर आए कांग्रेस विधायक काफी खुश नजर आए वहीं भाजपा विधायक गणेश जोशी ने हार मानते हुए कहा कि कांग्रेस ने धन बल का उपयोग किया है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शक्ति प्रदर्शन के बाद सदन से बाहर आकर कहा, 'मैं सभी देवी देवताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं, जनता को प्रणाम करता हूं।' उन्होंने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट, लोकतांत्रिक बलों, उत्तराखंड के लोगों और ईश्वर का शक्रगुजार हूं।
बहुमत से पहले कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को मसूरी के एक रिजॉर्ट में एकत्रित होने के लिए कहा था लेकिन कांग्रेस की एक विधायक रेखा आर्य वहां से गायब थी।
- See more at: http://naidunia।jagran।com/national-floor-test-finished-in-uttarakhand-assembly-bsp-gives-support-to-congress-737577#sthash।PxkInbDY।dpuf
राहुल गांधी को तेज बुखार, दक्षिणी राज्यों का दौरा किया रद्द
Last Updated: Tuesday, May 10, 2016 - 11:15
10
Shares
Facebook
Twitter
इससे पहले शक्ति परीक्षण के पहले कांग्रेस विधायक रेखा आर्य ने पार्टी से बगावत कर दी। वह आज सुबह उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष से मिलीं हैं और भाजपा विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचीं। फ्लोर टेस्ट के पहले बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि भाजपा के साथ कोई डील नहीं हुई है। हम कांग्रेस को अपना समर्थन दे रहे हैं।
आज सुबह रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भगवान केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ सब हमारे साथ हैं। जनता हमारे साथ हैं। सब एकजुट हैं जो हमको सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का कुछ भी दावा हो पर उत्तराखंड की जीत होगी।
शक्ति परीक्षण के बाद भाजपा विधायक तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हाथ उठाकर वोटिंग की प्रक्रिया हुई। परिणाम लिफाफे में बंद हो चुका है जिसे कल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में खोला जाएगा। वहीं भाजपा विधायक गणेश जोशी ने कहा कि भाजपा सैद्धांतिक रुप से विजयी हुई है लेकिन हम आंकड़ों के खेल में पीछे रह गए हैं। कांग्रेस ने धन-बल का प्रयोग किया है। यही कारण है कि सदन के अंदर आंकडों के खेल में हम पिछड़ गए हैं। हमने धन-बल का प्रयोग नहीं किया यदि हम प्रयोग करते तो हमारी जीत हो सकती थी।
शक्ति परीक्षण के बाद हरीश रावत ने कहा कि निष्कर्ष लिफाफे में बंद है जिसकी घोषणा कल सुप्रीम कोर्ट करेगा। हम कोर्ट का सम्मान करते हैं। विधानसभा से निकलते समय कांग्रेस विधायकों वे विक्ट्री का साईन बनाया जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शक्ति परीक्षण के दौरान रावत को जीत मिल चुकी है। जीत की मुस्कान कांग्रेस विधायकों के चेहरे पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
क्या है मामला
18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर मत विभाजन की भाजपा की मांग का कांग्रेस के नौ विधायकों ने समर्थन किया था, जिसके बाद राज्य में सियासी तूफान पैदा हो गया और उसकी परिणिति 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन के रूप में हुई थी।
संसद में गूंजा था मामला
उत्तराखंड मसला सोमवार को लोकसभा में उठा। कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन का अनैतिक करार देते हुए कहा कि राज्य में लोकतंत्र की हत्या की गयी है। वहीं भाजपा ने कहा कि सबसे अधिक बार संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करनेवाली कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। लोकसभा ने उत्तराखंड का बजट पारित कर दिया।
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा में 10 मई को शक्ति परीक्षण का आदेश देते हुए कहा था कि विशेष रूप से आहूत दो घंटे के सत्र के दौरान राष्ट्रपति शासन लागू नहीं रहेगा। पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक विधानसभा सत्र का आयोजन शक्ति परीक्षण के ‘एकमात्र एजेंडे’ के लिए होगा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रधान सचिव जय देव सिंह को उत्तराखंड विधानसभा में मंगलवार को होनेवाले फ्लोर टेस्ट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। देहरादून में धारा 144 लागू कर दी गयी है। विधानसभा में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर रोक था।
नौ बागी विधायक वोट नहीं दे पाये
शक्ति परीक्षण में कांग्रेस के नौ बागी विधायक वोट नहीं दे पाये, क्योंकि सोमवार को ही पहले हाइकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी। फ्लोर टेस्ट के नतीजे सार्वजनिक नहीं किये जायेंगे। इसे सुप्रीम कोर्ट में को सुनवाई के दौरान पेश किया जायेगा।
उत्तराखंड का फैसला लिफाफे में बद, कांग्रेस का दावा- मिले 33 वोट
Published: Tue, 10 May 2016 07:36 AM (IST) | Updated: Tue, 10 May 2016 01:11 PM (IST)
By: Editorial Team
0
संबंधित खबरें
उत्तराखंड में 10 मई को शक्ति परीक्षण, कांग्रेस के बागी नहीं कर सकेंगे वोट
कांग्रेस के बागी विधायकों की याचिका हाई कोर्ट में खारिज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
फ्लोर टेस्ट से पहले आया एक और स्टिंग, बढ़ी हरीश रावत की मुश्किलें
SC का सवाल, 'उत्तराखंड में क्यों न हो कोर्ट की निगरानी में फ्लोर टेस्ट?'
शक्ति परीक्षण की ओर बढ़ रहा उत्तराखंड, अंतिम फैसला आज संभव
नैनीताल/ नई दिल्ली। उत्तराखंड में सत्ता कौन संभालेगा इसका फैसला हो चुका है। मंगलवार दाेपहर को सभी विधायक विधानसभा में एकत्रित हुए और बहुमत के लिए मतदान किया। मतदान के बाद मिल रही खबरों के अनुसार हरीश रावत ने अपना बहुमत साबित कर दिया है और वो ही सरकार बनाएंगे। सूत्रों के अनुसार भाजपा को केवल 28 वोट ही मिल पाए हैं जबकि हरीश रावत को 33 वोट मिले हैं।
हालांकि फिलहाल जो नतीजे हैं वो बाहर नहीं आ पाए हैं और नतीजों को पहले सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। शक्ति परीक्षण से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। वहीं कांग्रेस विधायक रेखा आर्य भाजपा के पाले में बैठ गई थी।
बहुमत परीक्षण के बाद बाहर आए कांग्रेस विधायक काफी खुश नजर आए वहीं भाजपा विधायक गणेश जोशी ने हार मानते हुए कहा कि कांग्रेस ने धन बल का उपयोग किया है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शक्ति प्रदर्शन के बाद सदन से बाहर आकर कहा, 'मैं सभी देवी देवताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं, जनता को प्रणाम करता हूं।' उन्होंने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट, लोकतांत्रिक बलों, उत्तराखंड के लोगों और ईश्वर का शक्रगुजार हूं।
बहुमत से पहले कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को मसूरी के एक रिजॉर्ट में एकत्रित होने के लिए कहा था लेकिन कांग्रेस की एक विधायक रेखा आर्य वहां से गायब थी।
- See more at: http://naidunia।jagran।com/national-floor-test-finished-in-uttarakhand-assembly-bsp-gives-support-to-congress-737577#sthash।PxkInbDY।dpuf
राहुल गांधी को तेज बुखार, दक्षिणी राज्यों का दौरा किया रद्द
Last Updated: Tuesday, May 10, 2016 - 11:15
10
Shares

No comments:
Post a Comment