Wednesday, May 4, 2016

इंडियाना में जीत के साथ ट्रंप बने रिपब्लिकन उम्मीदवार

वाशिंगटन (एजेंसी)। डोनाल्ड ट्रंप इंडियाना प्राइमरी चुनाव में जीत का परचम लहराने के साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार बन गए हैं।

ट्रंप ने जब राजनीति में कदम रखा था और पिछले वर्ष जून में राष्ट्रपति पद के चुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनने की अपनी दावेदारी पेश की थी तब किसी राजनीतिक विशेषज्ञ ने यह नहीं सोचा था कि वह इस दौड़ में इतना आगे पहुंच जाएंगे।

ट्रंप ने इंडियाना प्राइमरी चुनाव जीतने के बाद अपने समर्थकों से कहा, मैं रिपब्लिकन पार्टी का संभावित उम्मीदवार बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह हमारी पार्टी को एकजुट करने और हिलेरी क्लिंटन को शिकस्त देने का समय है।

ट्रंप को 52 प्रतिशत से भी अधिक मत मिले। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी सीनेटर टेड क्रूज उनसे 16 अंकों से भी अधिक के अंतर से पीछे रहे।

क्रूज ने बाद में रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने की दौड़ से अपनी दावेदारी वापस लेने की घोषणा की।

इसके कुछ ही देर बाद रिपब्लिकन नेशनल कमेटी :आरएनसी: के अध्यक्ष्य रींसे प्रीबस ने कहा कि ट्रंप संभावित उम्मीदवार होंगे।

आत्मविश्वास से लबरेज दिखाई दे रहे ट्रंप ने न्यूयार्क में अपनी प्रचार मुहिम के मुख्यालय में कहा, हम अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे।

उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने की प्रबल दावेदार हिलेरी के खिलाफ अपनी प्रचार मुहिम पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा, हम हिलेरी क्लिंटन से मुकाबला करेंगे। वह महान राष्ट्रपति नहीं बनेंगी। वह अच्छी राष्ट्रपति साबित नहीं होंगी। वह खराब राष्ट्रपति बनेंगी। उन्हें व्यापार समक्ष नहीं आता।

उन्होंने क्रूज को एक कड़ा प्रतिद्वंद्वी बताते हुए उम्मीदवार बनने की दौड़ से अपना नाम वापस लेने के उनके फैसले की प्रशंसा की।

इंडियाना प्राइमरी के परिणाम से कुछ ही घंटों पहले क्रूज और ट्रंप ने एक दूसरे के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वार किए थे।

उन्होंने कहा, मैं टेड क्रूज को बधाई देना चाहता हूं। वह एक कड़े प्रतिद्वंद्वी हैं।

ट्रंप ने कहा, टेड क्रूज शानदार प्रतिद्वंद्वी है। यह शानदार इंसान हैं। उनका भविष्य शानदार है। वह एक कड़े प्रतिद्वंद्वी हैं।

करीब 20 मिनट चले अपने भाषण में ट्रंप ने पार्टी को एकजुट करने और व्यापार एवं आर्थिक मामलों पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, हम हमारी नौकरियों को वापस लेकर आएंगे। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को देश से बाहर जाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

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