Thursday, May 5, 2016

अगवा ऋतिक की हत्या से महागठबंधन का असली चेहरा सामने आया-नंदकिशोर

पटना (सं.सू.)। भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि बिहार में महागठबंधन का असली चेहरा सामने आ गया है। 1990 के दशक की तरह ही रंगदारी के लिए मासूमों का अपहरण और हत्या का काला अध्याय फिर लिखा जाने लगा। पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली के तख्त के लिए महागठबंधन की डोर को थामे हुए हैं।
यादव ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थपूर्ति के लिए बिहार में अपराधियों के तांडव पर भी मौन साधे धृतराष्ट्र बने बैठे हैं। अब नीतीश जी के गृह जिला नालंदा के एकंगरसराय के 14 वर्षीय मासूम ऋतिक की हत्या के बाद भी क्या सरकार बिहार में कानून का राज के नगाड़े बजाएगी? ऋतिक को तो सरकार बचा नहीं सकी। अब क्या इस मासूम की लाश पर भी बेशर्म राजनीति कर इसे भी छिटपुट घटना कह अपराधियों के मनोबल को और बढ़ाएगी?
यादव ने कहा कि शासन-प्रशासन ढोल पीटने के बजाय एक्शन में होता तो एकंगरसराय से अपहृत स्कूली छात्र ऋतिक को बचाया जा सकता था। अपहर्ताओं ने ऋतिक के अपहरण के तुरंत बाद उसके ही मोबाइल से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। एकंगरसराय पुलिस ने मंगलवार की सुबह इस मामले में एक गिरफ्तारी भी की। पर पुलिस की लापरवाही से गिरफ्तार शख्स फरार हो गया। ऋतिक की निर्मम हत्या ने पूर्ववर्ती सरकार के काल में हुए गोलू कांड की यादें ताजा कर दी है। तब भी बिहार के ऐसे ही बदतर हालात थे।
बड़ी मुश्किल से भाजपा ने बदतर काल से बिहार को निकालकर बेहतर राज स्थापित किया था। पर दुर्भाग्यपूर्ण है कि नीतीश कुमार ने दिल्ली की तख्त का दिवास्वप्न देखकर बिहार को फिर उसी दलदल में धकेल दिया है।

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