Sunday, May 8, 2016

इतालवी जज ने कहा, 'AP' नोट प्रमाणिक, कांग्रेस बैकफुट पर

नई दिल्‍ली (सं.सू.)। अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले मामले में इटली के एक जज का कहना है कि घूस लेने वाले बिचौलिये के रूप में 'AP' के नाम वाला नोट पूरी तरह से प्रमाणिक है। जज के इस बयान से कांग्रेस को करारा झटका लगा है जो इस मामले में पूरी ताक़त के साथ बचाव कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि 'AP' से इशारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल की तरफ है। लेकिन कांग्रेस और पटेल ने इस दस्‍तावेज की प्रमाणिकता को चुनौती देते हुए संसद में आरोप लगाया है कि इटली के कोर्ट के फैसले से ऐसा कोई भी निर्णायक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है जिससे लगे कि धूस किस भारतीय राजनेता ने ली है।

इटली के जज मार्को मारिया मेइगा ने अंग्रेज़ी के एक प्रमुख न्यूज़ चैनल से बुधवार को कहा कि उनके फैसले में भारतीय राजनेताओं को बेदाग़ नही करार दिया गया है और अब यह भारत सरकार पर निर्भर करता है कि वह मामले में आगे बढ़ाकर अपने राजनेताओं की जांच करें। अप्रैल माह के आखिर में दिए गए अपने फैसले में उन्होंने अगस्‍ता के शीर्ष अधिकारियों को 3600 करोड़ रुपये के 12 हेलीकॉप्टर के सौदे में भारतीय राजनेताओं को घूस देने का दोषी करार दिया था। जिस नोट का उन्होंने जिक्र किया वह उन तीन बिचौलियों में से एक गुइडो हेश्के का है, जिससे भारत इस घोटाला मामले में पूछताछ करना चाहता है।

'AP' के संदर्भ में पूछे जाने पर जज ने कहा कि हेश्के इस मामले में कंफ़्यूज़्ड था, उसे याद नही कि यह धूस की रकम किसे किसे दी गई। इसी नोट में 'FAM' और 'POL' का भी ज़िक्र है। इसमें से पहली कथित तौर पर पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी से संबंधित है। त्यागी से सीबीआई ने मामले में इसी सप्ताह पूछताछ की है जिसमें उन्‍होंने इन आरोपों से इनकार किया है लेकिन इतालवी जज का कहना है कि पूर्व वायुसेना प्रमुख के खिलाफ काफी सबूत हैं।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा  कि अगर उनके खिलाफ आरोप साबित हुए तो वे सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे। समझा जाता है कि इटेलियन कोर्ट में जिस नोट की समीक्षा की गई है उसमें कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी सहित इस पार्टी के कुछ और बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं। बीजेपी का कहना है कि इटली के कोर्ट के फैसले में साफतौर पर ऐसे सबूत है कि कांग्रेस ने अपने बड़े नेताओं को लाभ पहुंचाया।

दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से बुधवार को संसद में कहा गया कि दस्तावेज़ से कहीं कोई ऐसा संकेत नहीं मिलता कि उसके नेताओं से घूस के लिए 'संपर्क' किया गया या फिर उन्‍होंने घूस ली।

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