Sunday, May 8, 2016

बिलखती मां ने कहा- मदर्स डे पर सुशासन का तोहफा है बेटे की लाश

गया (सं.सू.)। मदर्स डे पर पूरी दुनिया रविवार को मां की ममता का जश्न मना रही है, लेकिन बिहार में एक मां ऐसी भी है कि जिसकी आंखें बेटे की लाश के आगे सुन्न पड़ गई हैं। गया में मदर्स डे पर सत्ता की हनक ने एक मां से उसकी जिंदगी का सबसे अमूल्य तोहफा छीन लिया। बिलखती मां ने जब जवान बेटे की लाश देखी तब चीख के आगे आंसूओं ने भी बहने से इनकार कर दिया। जुबान से सत्ता के लिए हाय निकली तो कहा, 'ये सुशासन की ओर से एक मां को मदर्स डे का गिफ्ट है।'

सामने बेटे की लाश और एक मां के मुंह से ये अलफाज सुनकर वहां मौजूद हर शख्स के आंखों में आंसू आ गए। मां की आंखें बेटे के खामोश हो चुके चेहरे पर टिक गईं, वहीं दिल का दर्द चीख से आगे बढ़कर दहाड़ में बदल गई। किसी ने शायद ही कल्पना की हो कि मदर्स डे इतना क्रूर भी होगा। लेकिन एक मां के इस एक वाक्य ने नीतीश सरकार के सुशासन के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी।

बिहार में सुशासन के दावे भले ही बढ़ चढ़कर किए जा हो रहे हो और नीतीश इसी के बल पर अब राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जमीन तलाश रहे हों, लेकिन सच्चाई यही है कि महागठबंधन के ही माननीय लोगों और उनके रिश्तेदारों ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रखी हैं। ताजा मामला गया जिले से जेडीयू की एमएलसी मनोरमा देवी का है। जिनके बिगड़ैल बेटे की करतूत ने फिर नीतीश सरकार को बैकफुट पर ला दिया है।

एमएलसी मनोरम देवी के बेटे रॉकी यादव ने अपनी नई लैंडरोवर गाड़ी को पास नहीं देने पर शनिवार रात एक स्विफ्ट कार सवार को गोली मार दी। इस वारदात में युवक आदित्य राज सचदेवा की घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। आदित्य गया के एक बड़े कारोबारी का बेटा है, जो अपने दोस्तों के साथ बोधगया से अपने घर लौट रहा था।

मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मनोरमा देवी के बेटे की गाड़ी को एमएलसी के गया आवास से बरामद तो कर लिया, लेकिन बिगड़ैल बेटा रॉकी यादव फरार है। पुलिस ने मनोरमा देवी के पति और बाहुबली माने जाने वाले बिंदी यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एक बॉडीगार्ड को भी हिरासत में लिया गया है।

वाकया शनिवार रात बोधगया के पास का है जब जेडीयू विधान पार्षद मनोरमा देवी के बेटे और बॉडीगार्ड ने सड़क पर पास नहीं देने पर गोली चलाई। गोली लगने से 12वीं के छात्र आदित्य राज की मौत हो गई। आदित्य अपने कुछ दोस्तों के साथ बोधगया से एक बर्थडे पार्टी से स्विफ्ट कार से लौट रहा था। बताया जाता है कि स्विफ्ट को ओवरटेक करने की कोशिश में कामयाब नहीं होने पर आगे जाकर पार्षद के बेटे ने गाड़ी रुकवाकर आदित्य और उसके दोस्तों की पहले पिटाई की और फिर हवाई फायरिंग की।

फायरिंग की आवाज सुनकर जब आदित्य और उसके दोस्त गाड़ी में बैठकर भागने लगे तभी पीछे से गोली चली जो शीशे को भेदते हुए आदित्य के सिर में लग गई। आदित्य गाड़ी में पीछे ही बैठा था। गोली लगने से घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। गोली चलाने का आरोप विधान पार्षद के बेटे और बॉडीगार्ड पर है। बॉडीगार्ड और रॉकी यादव दोनों गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। मनोरमा देवी के पति बिंदी यादव जिला परिषद् के अध्यक्ष रह चुके हैं और पहले आरजेडी में थे।

दूसरी ओर हत्या के विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। महागठबंधन की नई नीतीश सरकार के छह महीने के कार्यकाल में अबतक दर्जनभर से ज्यादा विधायकों और उनके परिजनों की ऐसी करतूत सामने आ चुकी है। बता दें कि आरजेडी विधायक राजबल्लभ यादव पहले ही नाबालिग लड़की के साथ रेप के आरोप में जेल में बंद हैं। जबकि कांग्रेस विधायक सरफराज आलम ट्रेन में महिला के साथ छेड़खानी में फिलहाल जमानत पर हैं। कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ पर एक लड़की को घर से भगाने का आरोप है, तो जेडीयू विधायक गोपाल मंडल की हाथ और जुबान काटने की बदजुबानी पहले ही सुर्खियां बटोर चुकी है।

बहरहाल, आदित्य की मां के आंसुओं से भींगे मदर्स डे के गिफ्ट की बात ने नीतीश कुमार के सुशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जवाब सरकार को भी देना होगा और उससे कहीं अधि‍क दावों को हकीकत में बदलना होगा।

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