नई दिल्ली (सं.सू.)। पाकिस्तान से 14 साल बाद भारत लौटी बोलने-सुनने में लाचार गीता की कहानी में नया मोड़ आ गया है। एक न्यूज चैनल ने सोमवार को डीएनए रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि गीता जनार्दन महतो की बेटी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक गीता और उसके पिता होने का दावा करने वाले जनार्दन महतो का डीएनए मैच नहीं हो रहा है। ऐसे में अब सरकार के सामने उसके असली माता-पिता और फैमिली को खोजने की चुनौती कायम है। गीता फिलहाल इंदौर में मूक-बधिर बच्चों की एक संस्था में रह रही है।
26 अक्टूबर को भारत लौटने से पहले बिहार के सहरसा के रहने वाले जनार्दन महतो ने दावा किया था कि गीता उनकी बेटी है। इसके बाद सरकार ने गीता और महतो फैमिली का डीएनए टेस्ट कराया। लेकिन मैच नहीं हुआ।
शुरुआत में गीता के बिहार के कबीरा ढाप गांव के होने की बात सामने आई थी। उस वक्त गांव के लोगों ने दावा किया था कि गीता का एक पति और बच्चा भी है। गीता का नाम भी हीरामणि बताया गया था।
विदित हो कि गीता 14 साल से पाकिस्तान में है। गलती से सीमा पार करने के बाद उसे पाकिस्तान के पंजाब में रेंजर्स ने देखा था। रेंजर्स पहले उसे लाहौर के ईदी फाउंडेशन में ले गए थे। बाद में कराची में इसी संगठन के एक शेल्टर होम में उसे भेज दिया गया। कराची में ‘मदर ऑफ पाकिस्तान' के नाम से मशहूर बिलकिस ईदी ने इस लड़की का नाम गीता रखा। गीता 28 अक्टूबर को पाकिस्तान से लौटने के बाद इंदौर के स्पेशल इंस्टीट्यूट में रह रही है। वह जिस दिन लौटी थी, उस दिन भी अपने कथित पैरेंट्स को नहीं पहचान पाई थी। गीता ने कहा था कि बिहार की महतो फैमिली उसका परिवार नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब बाकी परिवारों का डीएनए सैम्पल लिया जा सकता है। अलीगढ़ और राजस्थान के एक-एक परिवार ने भी गीता के अपनी बेटी होने का दावा कर रहे हैं।
26 अक्टूबर को भारत लौटने से पहले बिहार के सहरसा के रहने वाले जनार्दन महतो ने दावा किया था कि गीता उनकी बेटी है। इसके बाद सरकार ने गीता और महतो फैमिली का डीएनए टेस्ट कराया। लेकिन मैच नहीं हुआ।
शुरुआत में गीता के बिहार के कबीरा ढाप गांव के होने की बात सामने आई थी। उस वक्त गांव के लोगों ने दावा किया था कि गीता का एक पति और बच्चा भी है। गीता का नाम भी हीरामणि बताया गया था।
विदित हो कि गीता 14 साल से पाकिस्तान में है। गलती से सीमा पार करने के बाद उसे पाकिस्तान के पंजाब में रेंजर्स ने देखा था। रेंजर्स पहले उसे लाहौर के ईदी फाउंडेशन में ले गए थे। बाद में कराची में इसी संगठन के एक शेल्टर होम में उसे भेज दिया गया। कराची में ‘मदर ऑफ पाकिस्तान' के नाम से मशहूर बिलकिस ईदी ने इस लड़की का नाम गीता रखा। गीता 28 अक्टूबर को पाकिस्तान से लौटने के बाद इंदौर के स्पेशल इंस्टीट्यूट में रह रही है। वह जिस दिन लौटी थी, उस दिन भी अपने कथित पैरेंट्स को नहीं पहचान पाई थी। गीता ने कहा था कि बिहार की महतो फैमिली उसका परिवार नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब बाकी परिवारों का डीएनए सैम्पल लिया जा सकता है। अलीगढ़ और राजस्थान के एक-एक परिवार ने भी गीता के अपनी बेटी होने का दावा कर रहे हैं।


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