सिवान (सं.सू.)। आधा दर्जन बैखौफ अपराधियों ने रविवार सुबह खाद-बीज व्यवसायी और ईंट-भट्टा सह आरा मशीन संचालक हरिशंकर सिंह उर्फ बड़े सिंह का रविवार को रेलवे स्टेशन से सुबह-सुबह टहलने के क्रम में अपहरण कर लिया। उन्हें जबरन कब्जे में करने के बाद हवा में हथियार लहराते अपराधी चार पहिया वाहन से भाग निकले।
घटना की जानकारी मिलने पर आक्रोशित बाजार वासियों ने बाजार के बीच से गुजरते एनएच-85 पर आगजनी करते हुए उसे जाम कर दिया। वहीं रेलवे स्टेशन पर पहुंचे लोगों ने लकड़ी के बड़े-बड़े बोटे ट्रैक पर रखकर उसे जाम कर दिया जिससे सड़क व रेल यातायात प्रभावित रहा। 1सूचना के बाद पहले एसपी सौरभ कुमार शाह और फिर डीएम महेंद्र कुमार वहां पहुंचे और लोगों को आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन लोग व्यवसायी की सुरक्षित वापसी से कम पर मानने को तैयार नहीं थे। इस घटना को लेकर रेल व सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और विभिन्न गाड़ियां जहां-तहां फंसी रहीं। मालूम हो कि पचरूखी बाजार निवासी श्रद्धानंद सिंह के पुत्र हरिशंकर सिंह उर्फ बड़े सिंह खाद-बीज के थोक्र विक्रेता है। उनका आरा मशीन का भी कारोबार है और बाजार से कुछ दूरी पर पीडीएस नामक ईंट-भट्ठा भी है। इसका संचालन बड़े सिंह अपने भाई छोटे सिंह के साथ मिलकर करते हैं। रोजाना की भांति रविवार की सुबह वे घर से महज सौ मीटर की दूरी पर सामने स्थित रेलवे स्टेशन की तरफ टहलने गए। प्लेटफार्म नम्बर दो पर टहलने के दौरान ही आधा दर्ज अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और हथियार का भय दिखाते हुए जबरन खींचते हुए उन्हें उस पार स्थित चाय दुकान के पास खड़े वाहन की ओर ले जाने लगे। लोगों की नजर जब इस पर पड़ी तो बड़े सिंह के भाई छोटे सिंह को खबर दी। जब तक छोटे सिंह आरा मशीन पर से रेलवे स्टेशन के पास पहुंचते अपराधी उन्हें वाहन में बैठा लेकर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने इस घटना की सूचना पुलिस को दी।
इधर अपहरण की सूचना पूरे बाजार में जंगल की आग की तरह फैल गई। बाजारवासियों में आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने बाजार से होकर गुजर रही सिवान-छपरा मुख्य मार्ग एनएच 85 पर आगजनी करते हुए उसे अवरुद्ध कर दिया। वहीं लकड़ी के बोटों से रेलवे ट्रैक को भी अवरुद्ध कर दिया। बाजारवासियों की मांग थी कि थानाध्यक्ष मो.अकबर को निलंबित कर बड़े सिंह को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया जाय। अपहरण की सूचना के बाद एसपी सौरभ कुमार शाह, एएसपी अरविंद कुमार गुप्ता, मुफस्सिल इंस्पेक्टर ललन कुमार, दारौंदा थानाध्यक्ष सुनील कुमार और कई थानों की पुलिस के साथ वहां पहुंच गए। एसपी ने बड़े सिंह को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने का आश्वासन दिया। कहा कि पुलिस ने नाकाबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों की मांग के अनुरूप थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। ट्रैक जाम होने की सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिन्हा मौके पर पहुंच गए थे। बाद में जिलाधिकारी महेंद्र कुमार और अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे और अपेक्षित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विदित हो कि सिवान लालू-राबड़ी राज में कुख्यात मो. शहाबुद्दीन का गढ़ रह चुका है ऐसे में नई सरकार के गठन से पहले ही एक बार फिर से शहर में अपहरण का सिलसिला शुरू होने से व्यवसायियों में दहशत की लहर दौड़ गई है।
घटना की जानकारी मिलने पर आक्रोशित बाजार वासियों ने बाजार के बीच से गुजरते एनएच-85 पर आगजनी करते हुए उसे जाम कर दिया। वहीं रेलवे स्टेशन पर पहुंचे लोगों ने लकड़ी के बड़े-बड़े बोटे ट्रैक पर रखकर उसे जाम कर दिया जिससे सड़क व रेल यातायात प्रभावित रहा। 1सूचना के बाद पहले एसपी सौरभ कुमार शाह और फिर डीएम महेंद्र कुमार वहां पहुंचे और लोगों को आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन लोग व्यवसायी की सुरक्षित वापसी से कम पर मानने को तैयार नहीं थे। इस घटना को लेकर रेल व सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और विभिन्न गाड़ियां जहां-तहां फंसी रहीं। मालूम हो कि पचरूखी बाजार निवासी श्रद्धानंद सिंह के पुत्र हरिशंकर सिंह उर्फ बड़े सिंह खाद-बीज के थोक्र विक्रेता है। उनका आरा मशीन का भी कारोबार है और बाजार से कुछ दूरी पर पीडीएस नामक ईंट-भट्ठा भी है। इसका संचालन बड़े सिंह अपने भाई छोटे सिंह के साथ मिलकर करते हैं। रोजाना की भांति रविवार की सुबह वे घर से महज सौ मीटर की दूरी पर सामने स्थित रेलवे स्टेशन की तरफ टहलने गए। प्लेटफार्म नम्बर दो पर टहलने के दौरान ही आधा दर्ज अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और हथियार का भय दिखाते हुए जबरन खींचते हुए उन्हें उस पार स्थित चाय दुकान के पास खड़े वाहन की ओर ले जाने लगे। लोगों की नजर जब इस पर पड़ी तो बड़े सिंह के भाई छोटे सिंह को खबर दी। जब तक छोटे सिंह आरा मशीन पर से रेलवे स्टेशन के पास पहुंचते अपराधी उन्हें वाहन में बैठा लेकर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने इस घटना की सूचना पुलिस को दी।
इधर अपहरण की सूचना पूरे बाजार में जंगल की आग की तरह फैल गई। बाजारवासियों में आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने बाजार से होकर गुजर रही सिवान-छपरा मुख्य मार्ग एनएच 85 पर आगजनी करते हुए उसे अवरुद्ध कर दिया। वहीं लकड़ी के बोटों से रेलवे ट्रैक को भी अवरुद्ध कर दिया। बाजारवासियों की मांग थी कि थानाध्यक्ष मो.अकबर को निलंबित कर बड़े सिंह को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया जाय। अपहरण की सूचना के बाद एसपी सौरभ कुमार शाह, एएसपी अरविंद कुमार गुप्ता, मुफस्सिल इंस्पेक्टर ललन कुमार, दारौंदा थानाध्यक्ष सुनील कुमार और कई थानों की पुलिस के साथ वहां पहुंच गए। एसपी ने बड़े सिंह को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने का आश्वासन दिया। कहा कि पुलिस ने नाकाबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों की मांग के अनुरूप थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। ट्रैक जाम होने की सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिन्हा मौके पर पहुंच गए थे। बाद में जिलाधिकारी महेंद्र कुमार और अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे और अपेक्षित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विदित हो कि सिवान लालू-राबड़ी राज में कुख्यात मो. शहाबुद्दीन का गढ़ रह चुका है ऐसे में नई सरकार के गठन से पहले ही एक बार फिर से शहर में अपहरण का सिलसिला शुरू होने से व्यवसायियों में दहशत की लहर दौड़ गई है।


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