गोरौल (सं.सू.)। गोरौल थाना क्षेत्र के गोरौल गांव में डकैती के दौरान जख्मी युवक की इलाज के दौरान गुरुवार की सुबह हुई मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह लगभग नौ बजे सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों ने थाने का घेराव करते हुए हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच- 77 को टायर जलाकर जाम कर दिया। विरोध में गोरौल बाजार की सभी दुकानों को भी बंद करा दिया। लोगों को समझाने पहुंची पुलिस और आक्रोशित लोगों के बीज जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने थानाध्यक्ष के साथ हाथापाई भी की। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
बाद में लगभग 12 बजे के आसपास जिला मुख्यालय से भारी संख्या में पुलिस बल को गोरौल भेजा गया। घटनास्थल पर बेलसर, कटहरा ओपी व भगवानपुर थाने की पुलिस को भी भेजा गया। इसके बाद मौके पर हाजीपुर एएसपी व महुआ एसडीपीओ को भी भेजा गया। अधिकारियों ने जाम लगाए आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। आक्रोशितों का यह भी आरोप था कि पुलिस ने बुधवार को इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से दो को छोड़ दिया गया। जाम लगा रहे लोगों को पुलिस ने बलपूर्वक सड़क से हटाना चाहा। इससे लोग और उग्र हो गये और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस के जवानों ने भी जमकर लाठियां भांजी। लगभग आधे घंटे तक पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील रहा। इस झड़प में चार महिला पुलिसकर्मी समेत पांच जवान जख्मी हो गये। सभी को गोरौल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाद में काफी समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए। बता दें कि रविवार की देर रात गोरौल थाना क्षेत्र के गोरौल गांव में सशस्त्र अपराधियों ने रिटायर्ड शिक्षक उमाशंकर प्रसाद के घर भीषण डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। डकैती के दौरान अपराधियों ने रिटायर्ड शिक्षक उमाशंकर प्रसाद, उनके पुत्र अजय कुमार, पुत्रवधु नीतू देवी, नौ वर्षीय पोता अंशु कुमार व सात वर्षीय पोती खुशी कुमारी समेत पांच लोगों को मारपीट कर बुरी तरह जख्मी कर दिया था। सभी घायलों का इलाज मुजफ्फरपुर के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान अजय की मौत हो गयी। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और थाने का घेराव करते हुए एनएन को जाम कर दिया। आक्रोशित लोग अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
बाद में लगभग 12 बजे के आसपास जिला मुख्यालय से भारी संख्या में पुलिस बल को गोरौल भेजा गया। घटनास्थल पर बेलसर, कटहरा ओपी व भगवानपुर थाने की पुलिस को भी भेजा गया। इसके बाद मौके पर हाजीपुर एएसपी व महुआ एसडीपीओ को भी भेजा गया। अधिकारियों ने जाम लगाए आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। आक्रोशितों का यह भी आरोप था कि पुलिस ने बुधवार को इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से दो को छोड़ दिया गया। जाम लगा रहे लोगों को पुलिस ने बलपूर्वक सड़क से हटाना चाहा। इससे लोग और उग्र हो गये और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस के जवानों ने भी जमकर लाठियां भांजी। लगभग आधे घंटे तक पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील रहा। इस झड़प में चार महिला पुलिसकर्मी समेत पांच जवान जख्मी हो गये। सभी को गोरौल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाद में काफी समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए। बता दें कि रविवार की देर रात गोरौल थाना क्षेत्र के गोरौल गांव में सशस्त्र अपराधियों ने रिटायर्ड शिक्षक उमाशंकर प्रसाद के घर भीषण डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। डकैती के दौरान अपराधियों ने रिटायर्ड शिक्षक उमाशंकर प्रसाद, उनके पुत्र अजय कुमार, पुत्रवधु नीतू देवी, नौ वर्षीय पोता अंशु कुमार व सात वर्षीय पोती खुशी कुमारी समेत पांच लोगों को मारपीट कर बुरी तरह जख्मी कर दिया था। सभी घायलों का इलाज मुजफ्फरपुर के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान अजय की मौत हो गयी। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और थाने का घेराव करते हुए एनएन को जाम कर दिया। आक्रोशित लोग अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।


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