Thursday, November 12, 2015

भाजपा ने सिद्धरमैया से मांगा इस्तीफा, सोनिया पर साधा निशाना

नई दिल्ली (सं.सू.)। भाजपा ने टीपू सुल्तान की जयंती पर समारोह आयोजित करने को लेकर हुई हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग की और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या अब वह किसी मार्च का नेतृत्व करेंगी।

भाजपा ने कहा कि सिद्धरमैया कानून व्यवस्था से निपटने में नाकाम रहे। इसके साथ ही पार्टी ने नाटककार गिरीश कर्नाड और अपने सांसद प्रताप सिम्हा को धमकी दिए जाने की जांच कराए जाने की मांग की। पार्टी ने इस बात पर भी चिंता जतायी कि तर्कवादी एम.एम. कलबुर्गी की हत्या के मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को इस्तीफा दे देना चाहिए। दो लोगों की मौत हो गयी और वह कानून व्यवस्था की स्थिति से ठीक से नहीं संभाल सके। पात्रा ने पूछा कि क्या सोनिया गांधी बेंगलुरु जाएंगी और इसके खिलाफ मार्च करेंगी? क्या वह सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग करेंगी?’

देश में बढ़ती असहिष्णुता के माहौल के खिलाफ सोनिया गांधी ने तीन नवंबर को अपने प्रमुख नेताओं के राष्ट्रपति भवन मार्च का नेतृत्व किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर घृणा फैलाने वाली घटनाओं का समर्थन करने का आरोप लगाया था।

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित गिरीश कर्नाड और भाजपा सांसद सिम्हा को सोशल मीडिया पर मिली कथित धमकी का जिक्र करते हुए पार्टी ने इसमें जांच कराए जाने की मांग की है। कर्नाड ने टिप्पणी की थी कि बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहर के संस्थापक केमपे गौड़ा के स्थान पर टीपू सुल्तान के नाम पर होना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी की खासी आलोचना हुई और उन्हें ट्विटर पर धमकी मिली कि उनका भी वही हाल होगा जो एमएम कलबुर्गी का हुआ।

इस बीच शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने इस सुझाव को तवज्जो नहीं दी कि बेंगलुरु हवाई अइ्डे का नाम मैसूर के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान के नाम पर हो न कि शहर के संस्थापक केमपे गौड़ा के नाम पर।

नायडू ने संवाददाताओं से कहा, ‘बेंगलुरु हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया जा चुका है। लोगों ने इस फैसले का स्वागत भी किया है। अब एक बार फिर वही मुद्दा उठाने और अलग नाम का सुझाव देने का कोई मतलब नहीं है। अब इस मुद्दे पर विचार विमर्श करने की कोई तुक नहीं है जबकि हवाई अड्डे का नाम एक महान हस्ती के नाम पर है, जिनकी बेंगलुरु शहर बनाने में अहम भूमिका थी।’

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