मोकामा (सं.सू.)। मेकरा
गांव में दो गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में कुख्यात मनोहर यादव की
हत्या कर दी गई। हालांकि गैंगवार में उसका भाई प्रमोद यादव बच निकला। उसकी
अदावत गुड्डी यादव गिरोह से थी। गुड्डी भी मेकरा का ही है। मनोहर का पड़ोसी
है। मनोहर हत्या, अपहरण, रंगदारी समेत दो दर्जन मामलों में नामजद था।
इसमें 23 मामलों में पुलिस ने चार्जशीट कर दिया है। उस पर पुलिस पर हमला कर
दर्जनों राइफलें लूटने का आरोप था। पुलिस को अशंका है कि गैंगवार के पीछे
जेल बंद उदय गिरोह का हाथ है। हत्या के बाद मनोहर के गुर्गों ने विरोधी गुट
के युवक मुकेश को अगवा कर लिया।
सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंच अपराधियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। हालांकि देर रात तक मुकेश की बरामदगी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने बताया कि मनोहर यादव दियारा से खरना का प्रसाद खाने के लिए मेकरा डीह आया था। मनोहर के आने की सूचना उसके विरोधी गुट को भी मिल गई थी। 6-10 सहयोगियों के साथ मनोहर जैसे ही घर के पास पहुंचा कि प्रतिद्वंद्वी गिरोह द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। मनोहर गिरोह ने भी जवाब में फायरिंग की। फायरिंग में मनोहर यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंच अपराधियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। हालांकि देर रात तक मुकेश की बरामदगी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने बताया कि मनोहर यादव दियारा से खरना का प्रसाद खाने के लिए मेकरा डीह आया था। मनोहर के आने की सूचना उसके विरोधी गुट को भी मिल गई थी। 6-10 सहयोगियों के साथ मनोहर जैसे ही घर के पास पहुंचा कि प्रतिद्वंद्वी गिरोह द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। मनोहर गिरोह ने भी जवाब में फायरिंग की। फायरिंग में मनोहर यादव की मौके पर ही मौत हो गई।


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